
Liquor Scam Case: छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच जारी है। इसी मामले में कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल से पूछताछ की जा रही है। एजेंसी कथित शराब सिंडिकेट, अवैध वसूली और कमीशन के लेनदेन से जुड़े सवालों के जवाब तलाश रही है। पूछताछ में सेवानिवृत्त आईएएस अनिल टुटेजा, कारोबारी अनवर ढेबर और एपी त्रिपाठी के साथ रामगोपाल अग्रवाल के कथित संबंधों को भी जांच के दायरे में रखा गया है। ED वर्ष 2019 से 2023 के दौरान हुए कथित वित्तीय लेनदेन और संबंधित दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।
जांच के दौरान ED वर्ष 2019 से 2023 के बीच आबकारी विभाग से जुड़े कथित लेनदेन और करीब 3000 करोड़ रुपये की अवैध कमाई के आरोपों की पड़ताल कर रही है। एजेंसी यह जानने का प्रयास कर रही है कि कथित सिंडिकेट से किसे कितनी हिस्सेदारी मिली और इससे कौन-कौन लोग लाभान्वित हुए। पूछताछ के दौरान सामने आ रही जानकारियों का जांच अधिकारी उपलब्ध दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों से मिलान कर रहे हैं।
ED की पूछताछ में रामगोपाल अग्रवाल से अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर और एपी त्रिपाठी के साथ उनके कथित संबंधों को लेकर भी सवाल किए जा रहे हैं। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन लोगों के बीच किस तरह का संपर्क था और कथित शराब सिंडिकेट से उनका क्या संबंध था।
ED के अनुसार, कथित शराब घोटाले में अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर और अरुणपति त्रिपाठी से जुड़े सिंडिकेट की भूमिका सामने आई है। एजेंसी के आरोपों के मुताबिक, डिस्टिलर्स से सालाना कमीशन, बिना हिसाब वाली देसी शराब की बिक्री और FL-10A लाइसेंस देने के बदले कथित तौर पर भारी कमीशन लिया जाता था।
जांच के दौरान ED को कथित तौर पर कुछ डिजिटल और हस्तलिखित रिकॉर्ड भी मिले हैं। इनमें तारीख, कोड वर्ड में नाम और रकम के लेनदेन से संबंधित जानकारी दर्ज होने की बात कही गई है। एजेंसी इन रिकॉर्ड्स के आधार पर कथित पैसों के लेनदेन की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
जांच में सामने आए रिकॉर्ड में कथित तौर पर तीन तरह की भूमिकाओं का उल्लेख है। इनमें फील्ड स्तर पर रकम एकत्र करने वाले, एकत्रित राशि का हिसाब रखने वाले और रकम को ऊपर तक पहुंचाने वाले लोगों का जिक्र बताया जा रहा है। ED इन कथित लेनदेन और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
रामगोपाल अग्रवाल से पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें 18 अगस्त को कोर्ट में पेश किया जाएगा। मामले में ED द्वारा जुटाई जा रही जानकारी और दस्तावेजों का आगे परीक्षण किया जाएगा। जांच एजेंसी कथित घोटाले में पैसों के प्रवाह और संबंधित लोगों की भूमिका को लेकर आगे की कार्रवाई कर सकती है।