
Mandi tax Raipur: छत्तीसगढ़ के रायपुर मंडी बोर्ड की ओर से किसानों से टैक्स के रूप में मिलने वाली राशि के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मंडी बोर्ड ने नगर निगम के अलग-अलग वार्डों में CC रोड, नाली, पुलिया और अन्य विकास कार्यों के लिए करीब 1 करोड़ 40 लाख रुपए की निविदा जारी की है। निविदा में शहर के कई इलाकों में निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं। इसके बाद जागरूक लोगों ने सवाल उठाया है कि किसानों से मिलने वाली मंडी की राशि को ग्रामीण क्षेत्रों के बजाय शहर के निर्माण कार्यों में क्यों खर्च किया जा रहा ह
मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक कार्यालय की ओर से 28 सितंबर को निविदा जारी की गई। इसमें कुल 140.56 लाख रुपए के निर्माण कार्य शामिल हैं। ऑनलाइन टेंडर जमा करने की अंतिम तारीख 16 अक्टूबर और फिजिकल सबमिशन की अंतिम तारीख 23 अक्टूबर रखी गई है। निविदा में रायपुर नगर निगम के अलग-अलग जोन और वार्डों में सड़क, नाली, पुलिया और अन्य विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं।
निविदा के अनुसार जोन-3 के गुरु घासीदास वार्ड क्रमांक-48 में कई स्थानों पर CC रोड बनाई जाएगी। इसमें भारत किराया भंडार से पंजाब बूट हाउस वाली गली-घर तक सड़क निर्माण शामिल है। इसके अलावा बजरंगी के घर से गुरविंदर सिंह चड्ढा के निवास के पास काशीराम नगर नाले तक, बजरंगी के पीछे घर से जस्सी रेखवा के घर तक और मंजीत सिंह सलूजा के घर से वाघवानी के घर तक भी CC रोड निर्माण प्रस्तावित है।
जोन-4 में मारुति डेयरी के सामने, कटोरा तालाब और अरविंद नगर बस्ती में विकास कार्य कराए जाएंगे। अरविंद नगर में मंदिर से पेंशन बाड़ा और आंगनबाड़ी तक विकास कार्य का प्रस्ताव है। वहीं दुर्गा मंदिर से पंजाबी कॉलोनी के साइन बोर्ड मेन रोड तक CC रोड निर्माण भी निविदा में शामिल किया गया है।
जोन-6 में राजधानी अस्पताल के पीछे और छत्तीसगढ़ नगर में CC रोड निर्माण कराया जाना है। इसके अलावा वार्ड क्रमांक-58 में वासना गली से नंदू किराना स्टोर तक CC रोड बनाई जाएगी। इसी वार्ड में धीरज श्रीवास्तव के घर से नगर निगम पार्षद कार्यालय तक नाली निर्माण और जैतखाम से लवकन्या शेड हाउस तक CC रोड निर्माण का काम भी प्रस्तावित है।
जोन-5 के वार्ड क्रमांक-41 सुंदर नगर में भी CC रोड और पुलिया निर्माण का कार्य इसी निविदा में शामिल किया गया है। अलग-अलग वार्डों में प्रस्तावित इन कार्यों की कुल निविदा राशि 140.56 लाख रुपए बताई गई है।
निविदा जारी होने के बाद जागरूक लोगों ने सवाल उठाना शुरू किया है कि मंडी को किसानों से टैक्स के रूप में मिलने वाली राशि का इस्तेमाल नगर निगम क्षेत्र में क्यों किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि मंडी बोर्ड की राशि किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों में खर्च किए जाने को लेकर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए। हालांकि, मंडी बोर्ड ने इन कार्यों को विधायकों की ओर से दिए गए प्रस्तावों के आधार पर स्वीकृत होने की बात कही है।
मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक महेंद्र सवन्नी ने कहा कि सामान्य तौर पर मंडी बोर्ड नगर निगम क्षेत्र में काम नहीं करता है। उनके अनुसार, कृषि मंत्री रामविचार नेताम की स्वीकृति के बाद यह निविदा जारी की गई है। उन्होंने बताया कि रायपुर मंडी बोर्ड में सभी विधायक शामिल हैं। जिन-जिन विधायकों की ओर से निर्माण कार्यों के प्रस्ताव दिए गए थे, उन्हीं प्रस्तावों के आधार पर इन विकास कार्यों के लिए निविदा जारी की गई है।