
Private School News: छत्तीसगढ़ के रायपुर के समग्र शिक्षा के तहत संचालित प्रशस्त 2.0 कार्यक्रम में निजी स्कूलों की भागीदारी धीमी बनी हुई है। बार-बार निर्देश और वर्चुअल बैठकों के बावजूद जिले के कई स्कूलों ने अब तक जरूरी प्रक्रिया पूरी नहीं की है। अधिकारियों के अनुसार, रायपुर जिले में 800 से अधिक स्कूल हैं और इनमें बड़ी संख्या में स्कूलों का काम अभी अधूरा है। इसे गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को अब दो दिनों के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने की अंतिम मोहलत दी है।
प्रशस्त 2.0 कार्यक्रम के तहत स्कूलों में विद्यार्थियों में दिव्यांगता के संभावित लक्षणों की पहचान के लिए स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके लिए शिक्षकों को ऐप के माध्यम से प्रशिक्षण लेना और विद्यार्थियों की स्क्रीनिंग प्रक्रिया पूरी करनी है। शुरुआती चरण में कुछ स्कूलों ने प्रक्रिया पूरी करने की दिशा में काम किया, लेकिन अब भी कई स्कूलों में ऑनबोर्डिंग, शिक्षक सहभागिता और स्क्रीनिंग से जुड़ी प्रक्रिया लंबित है। विभाग के अनुसार निजी स्कूलों की भागीदारी अपेक्षाकृत धीमी है।
शिक्षा कार्यालय, कलेक्टर एवं पदेन जिला मिशन संचालक (समग्र शिक्षा), रायपुर की ओर से जिले के सभी शासकीय, अशासकीय, अनुदान प्राप्त, केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल और मदरसों के प्रमुखों को निर्देश जारी किए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि प्रशस्त 2.0 ऐप में स्कूलों की ऑनबोर्डिंग, शिक्षकों की सहभागिता और ‘नो व्यू स्कूल्स’ की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
लगातार पत्राचार और वर्चुअल बैठकों के बावजूद शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल नहीं होने पर विभाग ने नाराजगी जताई है। अब स्कूलों को दो दिनों के भीतर लंबित प्रक्रिया पूरी करनी होगी। निर्धारित समय में लक्ष्य पूरा नहीं होने पर संबंधित स्कूलों को इसका कारण बताना होगा।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रशस्त 2.0 की प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लंबित काम को जल्द पूरा किया जाए। स्कूलों को ऑनबोर्डिंग, शिक्षकों की सहभागिता और वेरिफिकेशन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्कूलों में ऑनबोर्डेड और इंगेज्ड शिक्षकों का लंबित वेरिफिकेशन तत्काल पूरा करना होगा। ‘नो व्यू स्कूल्स’ की सूची में शामिल स्कूलों को ऐप में अपनी स्थिति जांचकर जरूरी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन स्कूलों में प्राचार्य या हेडमास्टर का साइनअप और स्कूल वेरिफिकेशन लंबित है, उन्हें UDISE में हेड ऑफ स्कूल और शिक्षक प्रोफाइल की जानकारी का सत्यापन कर आवश्यक सुधार करना होगा।
इसके अलावा जिन शिक्षकों का प्रशिक्षण अभी अधूरा है, उन्हें निर्धारित 10 प्रशिक्षण वीडियो देखकर प्रशिक्षण प्रक्रिया पूरी करनी होगी। विभाग ने सभी स्कूलों से तय समय सीमा के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने को कहा है।