रायपुर

World Heritage Day 2026: रात के सन्नाटे में दिखती परछाइयां! रायपुर का फ्री मेसन्स हॉल क्यों कहलाता है ‘भूत बंगला’, जानें इतिहास व रहस्य

World Heritage Day 2026: सिविल लाइन स्थित फ्री मेसन्स हॉल, जिसे लोग ‘भूत बंगला’ के नाम से जानते हैं, आज भी रहस्य और जिज्ञासा से घिरा हुआ है। वहीं 18वीं सदी में मराठों द्वारा बसाया गया गोल बाजार आज भी शहर की पहचान बना हुआ है...

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Apr 19, 2026
फ्री मेसंस हॉल राजधानी का भूतबंगला! (फोटो सोर्स- पत्रिका)

World Heritage Day 2026: इन दिनों अक्षय कुमार अभिनीत फिल्म भूत बंगला चर्चे में है। इस बीच एक और चर्चा हो रही है राजधानी के फ्री मेसंस हॉल की। धरोहरों के प्रति लोगों में जागरुकता बढ़ाने के उद्देश्य से वर्ल्ड हेरिटेज डे के अवसर पर शनिवार को राजधानी के एक कैफे में एक विशेष आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लोग अपने पारिवारिक धरोहरों और वस्तुओं से जुड़ी कहानियां साझा की।

इस दौरान शिवम त्रिवेदी और निष्ठा जोशी ने बताया कि सिविल लाइन स्थित फ्री-मेसन्स हॉल जिसे लोग भूत बंगला के नाम से जानते हैं। यह आज भी रहस्य और जिज्ञासा का केंद्र बना हुआ है। वर्ष 1911 में निर्मित यह ऐतिहासिक इमारत लंबे समय से लोगों के बीच चर्चाओं में रही है। कभी-कभी रात के सन्नाटे में काले कोट पहने कुछ लोगों की गतिविधियां यहां देखी जाती हैं जो लोगों की उत्सुकता बढ़ाती हैं। हालांकि, फ्री मेसन्स संस्था का उद्देश्य वैश्विक भाईचारा और जन-कल्याण को बढ़ावा देना है।

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World Heritage Day 2026: जन्म से लेकर मरण तक की सामग्री

शहर का गोल बाजार मराठों द्वारा निर्मित एक संकल्पना-आधारित मार्केट है जिसका निर्माण 18वीं शताब्दी ईस्वी में भोसले शासकों द्वारा किया गया। देश के विभिन्न हिस्सों में जहां-जहां मराठा शासन रहा वहां आप गोल बाजार देखेंगे। मराठा शासकों ने ही छत्तीसगढ़ में दशहरा पर सौन-पत्ती आदान-प्रदान करने की परंपरा की शुरुआत की। गोल बाजार की खासियत है कि यहां जन्म से लेकर मरण तक का सामान मिल जाता है।

देशभर में बना था कैसर-ए-हिंद दरवाजा

मालवीय रोड स्थित यह दरवाजा रवि भवन के सामने हैं। 1857 की क्रांति के चलते देश में कम्पनी रूल हटाकर पूर्ण अंग्रेजी हुकूमत लागू कर दी गई थी, जिसके बाद महारानी विक्टोरिया की ताजपोशी के संदेश-वाहक स्वरूप ऐसे तमाम दरवाजे पूरे देश में बनवाए गए, उन्हीं में से एक है 1877 निर्मित यह कैसर-ए-हिंद दरवाजा। यह रायपुर की खास पहचान है।

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Updated on:
19 Apr 2026 04:04 pm
Published on:
19 Apr 2026 03:35 pm
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