
Chhattisgarh Intern Doctors Protest: छत्तीसगढ़ के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में एमबीबीएस 2021 बैच के इंटर्न डॉक्टरों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदेशव्यापी सांकेतिक प्रदर्शन किया। शुक्रवार को सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्न डॉक्टरों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई। इसी क्रम में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय (GMC) राजनांदगांव में शाम 5 बजे अस्पताल परिसर में प्रदर्शन आयोजित किया गया। इसमें करीब 200 से 250 इंटर्न डॉक्टर, मेडिकल विद्यार्थी, पीजी रेजिडेंट और यूजी बॉन्डेड डॉक्टर शामिल हुए।
प्रदर्शन कर रहे इंटर्न डॉक्टरों ने वर्तमान में मिल रहे 15 हजार 900 रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड को बढ़ाकर 30 हजार रुपए प्रतिमाह करने की मांग की है। डॉक्टरों का कहना है कि पिछले तीन वर्षों से स्टाइपेंड में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, जबकि इस दौरान महंगाई, रहने-खाने का खर्च और काम का दबाव लगातार बढ़ा है। इंटर्न डॉक्टरों को अस्पतालों में 24 घंटे मरीजों की देखभाल, इमरजेंसी ड्यूटी, वार्ड प्रबंधन और अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं। उनका कहना है कि इतनी जिम्मेदारियों के बावजूद मिलने वाला मानदेय मौजूदा परिस्थितियों के हिसाब से काफी कम है।
इंटर्न डॉक्टरों के इस आंदोलन को प्रदेश के कई मेडिकल संगठनों का समर्थन मिला है। आईएमए-एमएसएन छत्तीसगढ़, आईएमए-जेडीएन, जेडीए और आरजेडीए समेत कई संगठनों ने स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग का समर्थन किया है। आईएमए-एमएसएन छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष शाहदिल खुसरू ने कहा कि इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड बढ़ाने का मुद्दा अब तक पांच बार स्वास्थ्य मंत्री के सामने रखा जा चुका है। उन्होंने कहा कि युवा डॉक्टरों की मांगों को लेकर संगठन लगातार समर्थन कर रहे हैं।
इंटर्न डॉक्टरों ने सरकार को सोमवार तक मांगों पर निर्णय लेने का समय दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि तक कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन के अगले चरण में ओपीडी और अन्य गैर-आपातकालीन सेवाओं का बहिष्कार किया जाएगा। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया है कि मरीजों की परेशानी को देखते हुए आपातकालीन सेवाएं जारी रहेंगी।
इंटर्न डॉक्टरों ने कहा कि उनका आंदोलन किसी सेवा को बाधित करने के लिए नहीं, बल्कि अपने अधिकारों और सम्मानजनक स्टाइपेंड की मांग को लेकर है। उन्होंने सरकार से जल्द निर्णय लेकर इंटर्न डॉक्टरों की समस्याओं का समाधान करने की अपील की है। प्रदेशभर में हुए इस प्रदर्शन के बाद अब स्वास्थ्य विभाग के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हैं।