
समितियों की ओर से आकर्षक झांकियां तैयार की जा रही (Photo Patrika)
Ganesh Jhaki: गणेशोत्सव के अंतिम पड़ाव में अब शहर की सडक़ों पर भव्य झांकियों का कारवां उतरने वाला है। 25 सितंबर की रात गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ निकलने वाली झांकियों में इस बार भगवान गणेश की भक्ति के साथ पौराणिक कथाएं, लोक संस्कृति, परंपराएं और देश-दुनिया के मौजूदा घटनाक्रमों की झलक देखने को मिलेगी। शहर में करीब 35 से 40 झांकियां निकलने की जानकारी सामने आई है। इसे लेकर गणेशोत्सव समितियों के साथ प्रशासन ने भी तैयारियां तेज कर दी हैं। पुलिस भी विसर्जन की रात के लिए व्यापक इंतजाम में जुटी हुई है।
मंगाया जाएगा। विसर्जन जुलूस में झांकियों के सुचारू संचालन को लेकर प्रशासन ने समितियों के साथ बैठक कर निर्धारित रूट की जानकारी दी है। समितियों को इसी मार्ग से झांकियों को प्रवेश कराकर आगे बढऩा होगा। वहीं बिजली कंपनी ने भी झांकी रूट को सुगम बनाने के लिए काम शुरू कर दिया है। बाजार क्षेत्र में रास्ते में बाधा बनने वाले बिखरे तारों को हटाया जा रहा है। जरूरत के अनुसार पोल और तारों को व्यवस्थित किया जा रहा है, ताकि ऊंची और बड़ी झांकियों को निकालने में परेशानी न हो।
गणेशोत्सव समिति से जुड़े गणेश प्रसाद शर्मा ने बताया कि इस बार उमंग गणेशोत्सव समिति की झांकी में त्रिदेव के दर्शन होंगे। वहीं बाल समाज समिति के विकास अग्रवाल ‘पम्पी’ ने बताया कि समिति की ओर से होली उत्सव की थीम पर झांकी तैयार कराई जा रही है। इसमें दो जीपों पर झांकी का प्रदर्शन होगा और आगे भव्य हाथी चलता दिखाई देगा।
25 सितंबर की रात राजनांदगांव में झांकियों के प्रदर्शन के बाद बाहर की समितियों की ओर से बुक की गई झांकियों को डोंगरगढ़, दुर्ग-भिलाई और रायपुर सहित अन्य स्थानों के लिए भेजा जाएगा। इसके लिए अभी से बुकिंग शुरू हो गई है। यानी शहर की सडक़ों पर रात में नजर आने वाली कई आकर्षक झांकियां आने वाले दिनों में दूसरे शहरों की गणेशोत्सव शोभायात्राओं का भी हिस्सा बनेंगी।
झांकियों की तैयारी का अंदाज भी पिछले कुछ वर्षों में बदला है। एक समय था जब गणेशोत्सव समितियों के सदस्य स्थानीय कलाकारों के साथ मिलकर झांकियां तैयार करते थे। रात-रातभर जागकर सजावट, रंग-रोगन और अंतिम रूप देने का काम चलता था। स्थानीय कलाकारों की कल्पना और मेहनत झांकियों में साफ दिखाई देती थी। अब समय और मेहनत बचाने के लिए कई समितियां झांकियां दूसरे शहरों से तैयार करवाकर मंगा रही हैं। इससे कम समय में बड़ी और आकर्षक झांकी तैयार हो रही है। खास बात यह है कि राजनांदगांव में तैयार होने वाली झांकियों की मांग आसपास के शहरों में भी बनी हुई है।
झांकियों की तैयारी का अंदाज भी पिछले कुछ वर्षों में बदला है। एक समय था जब गणेशोत्सव समितियों के सदस्य स्थानीय कलाकारों के साथ मिलकर झांकियां तैयार करते थे। रात-रातभर जागकर सजावट, रंग-रोगन और अंतिम रूप देने का काम चलता था। स्थानीय कलाकारों की कल्पना और मेहनत झांकियों में साफ दिखाई देती थी। अब समय और मेहनत बचाने के लिए कई समितियां झांकियां दूसरे शहरों से तैयार करवाकर मंगा रही हैं। इससे कम समय में बड़ी और आकर्षक झांकी तैयार हो रही है। खास बात यह है कि राजनांदगांव में तैयार होने वाली झांकियों की मांग आसपास के शहरों में भी बनी हुई है।
अन्य समितियां भी पौराणिक प्रसंगों के साथ अलग-अलग सामाजिक, सांस्कृतिक और समसामयिक विषयों को झांकियों में उतारने की तैयारी कर रही हैं। ऐसे में 25 सितंबर की रात शहर की सडक़ें सिर्फ विसर्जन जुलूस की गवाह नहीं बनेंगी, बल्कि यहां आस्था, कला, संस्कृति और बदलते समय की तस्वीर एक साथ दिखाई देगी।
अब तक 35 से 40 झांकियों की जानकारी सामने आई है। अंतिम समय तक सूची फाइनल होगी। प्रशासन की ओर से विसर्जन की तैयारी चल रही है।
— गौतमचंद पाटिल,
एसडीएम राजनांदगांव
Updated on:
23 Sept 2026 10:48 am
Published on:
23 Sept 2026 10:48 am
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