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मेडिकल कॉलेजों में 1200 से ज्यादा पद खाली, अब 68 साल तक सेवाएं देंगे डॉक्टर, छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला!

Government Doctors: छत्तीसगढ़ सरकार सरकारी मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की रिटायरमेंट उम्र 65 से बढ़ाकर 68 वर्ष करने पर विचार कर रही है। 15 मेडिकल कॉलेजों में 1200 से अधिक फैकल्टी पद खाली हैं।
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Chhattisgarh Medical College

अब डॉक्टरों की रिटायरमेंट उम्र होगी 68 वर्ष (photo source- AI)

Medical College: छत्तीसगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में लंबे समय से चली आ रही डॉक्टरों और फैकल्टी की कमी को दूर करने के लिए राज्य सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों की सेवानिवृत्ति (रिटायरमेंट) की उम्र 65 वर्ष से बढ़ाकर 68 वर्ष करने की तैयारी है। चिकित्सा शिक्षा संचालनालय और स्वास्थ्य विभाग में इस प्रस्ताव को लेकर गहन मंथन जारी है।

किसी भी तरह की कानूनी पेचीदगी से बचने के लिए विधि विशेषज्ञों से सलाह ली जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से वेंटिलेटर पर चल रहे मेडिकल कॉलेजों को नया जीवनदान मिलेगा, साथ ही नेशनल मेडिकल कमीशन से मान्यता बरकरार रखने और स्नातकोत्तर की सीटें बढ़ाने में बड़ी मदद मिलेगी।

Chhattisgarh News: अगले 3 वर्षों में 60 से अधिक सीनियर होने वाले हैं रिटायर

प्रदेश में फिलहाल 15 सरकारी मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, लेकिन सभी जगह फैकल्टी का गंभीर संकट है। स्थिति यह है कि अगले साल यानी 2027 में दो प्रमुख डीन डॉ. केके सहारे और डॉ. तृप्ति नागरिया सेवानिवृत्त होने वाले हैं। इसके अलावा अगले तीन वर्षों में 60 से ज्यादा वरिष्ठ डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त हो जाएंगी। यदि रिटायरमेंट की उम्र तीन साल बढ़ा दी जाती है, तो इन अनुभवी डॉक्टरों की सेवाएं वर्ष 2030 तक मिल सकेंगी, जिससे कॉलेजों में प्रशासनिक और शैक्षणिक व्यवस्था चरमराने से बच जाएगी।

पीएससी से सीधी भर्ती भी नहीं ला पा रही राहत

फैकल्टी की कमी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा निकाली गई 125 असिस्टेंट प्रोफेसरों की भर्ती में से आधे डॉक्टरों ने भी जॉइनिंग नहीं दी है। जून की स्थिति के अनुसार अकेले असिस्टेंट प्रोफेसरों के ही 332 पद खाली पड़े हैं। इसके अलावा जगदलपुर और बिलासपुर सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों को पीपीपी मॉडल (ठेके) पर देने की तैयारियों के बीच सुपर स्पेशलिटी डॉक्टरों की कमी और गहरा गई है।

कॉलेजों में स्वीकृत व खाली पद

पद स्वीकृत खाली प्रतिशत

प्रोफेसर 241 117 48.5

एसो. प्रोफेसर 399 196 49.1

असि. प्रोफेसर 644 332 51.6

सीनियर रेसीडेंट 518 375 72.3

जूनियर रेसीडेंट 502 209 41.6

डेमोंस्ट्रेटर 302 51 16.9

(ये खाली पद मई 2026 के अनुसार)

वर्जन

इसमें कोई संदेह नहीं कि मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की कमी है और इसे दूर करने के प्रयास जारी हैं। डॉक्टरों की रिटायरमेंट उम्र 68 वर्ष करने का निर्णय राज्य शासन का विषय है। आवश्यकता पड़ने पर इस संबंध में प्रस्ताव भेजने पर विचार किया जाएगा— डॉ. यू.एस. पैकरा, संचालक चिकित्सा शिक्षा