राजनंदगांव

Jholachhap Doctor की मनमानी! फर्श पर मरीज, दीवार पर ड्रिप, राजनांदगाव में खुलेआम मरीजों की जान से खिलवाड़

Rajnandgaon Jholachhap Doctor News: छत्तीसगढ़ में इन दिनों झोलाछाप डॉक्टरों की मनमानी सामने आ रही है। ड्रिप लगाने के बाद कथित डॉक्टर मौके से गायब हो जाते हैं और परिजनों को ही यह जिम्मेदारी सौंप दी जाती है कि ड्रिप खत्म होने पर सुई निकाल दें।
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Jholachhap Doctor
राजनांदगाव में खुलेआम मरीजों की जान से खिलवाड़ (Photo Patrika)

Fake Doctor: राजनांदगाव के औंधी में स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव का फायदा उठाकर औंधी तहसील के अंतिम छोर स्थित ग्राम तोडक़े में झोलाछाप डॉक्टर खुलेआम मरीजों की जान से खिलवाड़ कर रहे हैं। हालात इतने चिंताजनक हैं कि मरीजों को किसी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में नहीं, बल्कि घर की जमीन पर लिटाकर ड्रिप चढ़ाई जा रही है। ड्रिप लगाने के बाद कथित डॉक्टर मौके से गायब हो जाते हैं और परिजनों को ही यह जिम्मेदारी सौंप दी जाती है कि ड्रिप खत्म होने पर सुई निकाल दें।

Healthcare Scam: सुई निकालने की जिम्मेदारी पति पर छोड़ दी

मामले में सामने आया है कि कांकेर जिले के गोण्डाहुर निवासी एक कथित डॉक्टर द्वारा मरीज का उपचार किया जा रहा था। परिजन के अनुसार उक्त व्यक्ति मरीज को ड्रिप लगाकर चला गया और ड्रिप समाप्त होने के बाद सुई निकालने की जिम्मेदारी पति पर छोड़ दी गई। तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि एक महिला मरीज घर के फर्श पर लेटी हुई है, जबकि दीवार पर ड्रिप की बोतल टांगी गई है। न कोई चिकित्सकीय निगरानी, न कोई सुरक्षा व्यवस्था और न ही किसी प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी की मौजूदगी। यह दृश्य ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली और प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोलने के लिए काफी है।

मरीज की लगातार निगरानी करनी चाहिए

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार ड्रिप चढ़ाने के दौरान मरीज की लगातार निगरानी आवश्यक होती है। गलत मात्रा, संक्रमण, एलर्जी अथवा अन्य जटिलताओं की स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय हस्तक्षेप की जरूरत पड़ सकती है। लेकिन तोडक़े और आसपास के क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टर मरीजों को ड्रिप लगाकर भगवान भरोसे छोड़ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई कथित डॉक्टर बिना किसी मान्यता प्राप्त डिग्री या वैध पंजीयन के इलाज कर रहे हैं। मामूली बुखार, कमजोरी और अन्य सामान्य बीमारियों में भी धड़ल्ले से ड्रिप चढ़ाई जा रही है। ड्रिप खत्म होने के बाद परिजनों को सुई निकालने की सलाह दी जाती है, जिससे संक्रमण और गंभीर दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

क्षेत्र में लंबे समय से झोलाछाप डॉक्टरों के सक्रिय होने की शिकायतें मिलती रही हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से उनके हौसले बुलंद हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का फायदा उठाकर ऐसे लोग मरीजों से मोटी रकम वसूल रहे हैं और उनकी जान जोखिम में डाल रहे हैं।

ग्रामीणों की मांग

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि तोडक़े सहित पूरे वनांचल क्षेत्र में संचालित अवैध क्लीनिकों और झोलाछाप डॉक्टरों की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही दूरस्थ गांवों में नियमित स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि लोगों को मजबूरी में ऐसे लोगों के भरोसे न रहना पड़े।

औंधी क्षेत्र में ज्यादातर झोलाछाप डॉक्टरों की शिकायतें मिली हैं। जल्द ही ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

  • गिरीश खोब्रागड़े, बीएमओ, मानपुर
Updated on:
15 Jun 2026 01:45 pm
Published on:
12 Jun 2026 02:39 pm