
हीरालाल भाट
भीम (राजसमंद)। ब्यावर-गोमती राष्ट्रीय राजमार्ग पर नंदावट स्थित एलआइसी बिल्डिंग के सामने करोड़ों रुपए की लागत से निर्मित फ्लाईओवर पहली ही बारिश में अपनी गुणवत्ता को लेकर सवालों के घेरे में आ गया है। करीब छह माह पहले शुरू हुए इस फ्लाईओवर पर कई स्थानों पर सड़क उखड़ गई है और करीब 6-6 इंच गहरे गड्ढे बन गए हैं। ग्रामीणों और राहगीरों का आरोप है कि निर्माण में गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग किया गया तथा विभागीय अधिकारियों और तकनीकी टीम की निगरानी के अभाव में कार्य हुआ।
उनका कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर आमजन की सुविधा के लिए बनाया गया फ्लाईओवर पहली ही बरसात में क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि वर्षा के पानी ने एनएचएआई की कार्यप्रणाली की पोल खोलकर रख दी है। नंदावट स्थित एलआईसी बिल्डिंग के सामने बना यह नवनिर्मित फ्लाईओवर करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा है। इसका निर्माण शिवम कंस्ट्रक्शन कंपनी ने किया। परियोजना की निगरानी एनएचएआई एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा की गई। निर्माण कार्य 12 दिसंबर 2023 को शुरू हुआ था और 10 फरवरी 2026 को पूरा होने के बाद पुल पर यातायात शुरू किया गया। फ्लाईओवर की कुल लागत 55.80 करोड़ रुपये बताई गई है।
एलआइसी बिल्डिंग से बालाचाराट तक फ्लाईओवर पर लगभग हर 25 से 50 मीटर की दूरी पर सड़क उखड़ गई है। कई स्थानों पर डामर टूटने से करीब छह इंच गहरे गड्ढे बन गए हैं। इससे स्थानीय व्यापारियों, ग्रामीणों और राहगीरों में नाराजगी है। सड़क की मोटाई और निर्माण गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इस संबंध में एनएचएआई के सहायक अभियंता सतीश कुमार योगी ने बताया कि नंदावट फ्लाईओवर की लागत 55.80 करोड़ रुपए है। निर्माण कार्य 12 दिसंबर 2023 को शुरू होकर 10 फरवरी 2026 को पूर्ण हुआ। उन्होंने कहा कि इस संबंध में विस्तृत जानकारी अधीक्षण अभियंता उपलब्ध कराएंगे।
एनएचएआई के अधीक्षण अभियंता विनोद माली ने बताया कि उन्होंने स्वयं फ्लाईओवर का निरीक्षण किया है। जहां-जहां सड़क क्षतिग्रस्त हुई है, वहां कटिंग कर नया मटेरियल डालकर मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। दो-तीन दिन में यातायात पूरी तरह सुचारु कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि सड़क निर्माण कार्य अभी संवेदक के गारंटी पीरियड में है और संवेदक को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं।