राजसमंद

अब होगी ऐसी व्यवस्था, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की हर गतिविधि पर होगी अभिभावकों की ‘नजर’

Rajsamand News: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों को कराई जाने वाली गतिविधियों की जानकारी अपलोड करनी होगी, इससे बच्चे के अभिभावक भी जान सकेंगे कि बच्चे ने केन्द्र पर क्या सीखा है।
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Sep 22, 2024
Anganwadi worker children
FILE PHOTO

राजसमंद। आंगनबाड़ी केन्द्रों पर जाने वाले बच्चों की हर गतिविधि की जानकारी परिजनों को देनी होगी। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बच्चों के अभिभावकों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाना होगा। इसमें प्रतिदिन बच्चों को कराई जाने वाली गतिविधियों की जानकारी अपलोड करनी होगी, इससे बच्चे के अभिभावक भी जान सकेंगे कि बच्चे ने केन्द्र पर क्या सीखा है। इससे काम में भी पारदर्शिता आएगी। जिले में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्रों पर 3 से 6 साल के बच्चों को शाला पूर्व शिक्षा प्रदान की जाती है।

इसके अन्तर्गत बच्चों को खेल-खेल में पांच आयामों पर समय सारणी के अनुसार गतिविधियां आयोजित करवाई जाती है। इसमें बच्चों के चहुंमुखी विकास के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के साथ-साथ अभिभावकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसके चलते राजस्थान सरकार के समेकित बाल विकास सेवाएं निदेशालय के अतिरिक्त निदेशक (आई) चांदमल वर्मा ने एक आदेश जारी किए।

इसमें प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र पर शाला पूर्व शिक्षा के तहत पंजीकृत बच्चों के अभिभावकों को आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आयोजित की जाने वाली ईसीसीई गतिविधियों से जोड़ने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा लाभार्थियों के अभिभावकों का वाट्सएप ग्रुप बनाना होगा।

इस ग्रुप में ईसीसीई व आंगनबाड़ी केन्द्र पर प्रतिदिन की जाने वाली अन्य गतिविधियों की जानकारी अभिभावकों को साझा करनी होगी, जिससे अभिभावक भी जान सकेंगे कि बच्चे ने आंगनबाड़ी केन्द्र पर आज क्या सीखा है। इससे काम में पारदर्शिता आएगी। उल्लेखनीय है कि आंगनबाड़ी केन्द्र पर समय-समय पर स्वास्थ्य की जांच, टीकाकरण करवाया जाता है। इसके साथ ही प्रतिदिन उन्हें पोषाहार भी दिया जाता है।

कुछ ने बनाए तो कुछ जगह बनाए जाना शेष

महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार जिले में करीब 1135 आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित है। इसमें सभी में कार्यकर्ता या सहायिका कार्यरत है। जानकारों के अनुसार कार्यकर्ताओं ने ग्रुप बना लिए हैं, लेकिन दूर-दराज क्षेत्र में संचालित कुछ आंगनबाड़ी केन्द्र की कार्यकर्ताओं ने अभी तक ग्रुप नहीं बनाए गए हैं। इसके चलते विभाग की ओर से उन्हें जल्द से जल्द ग्रुप बनाए जाने के लिए निर्देशित भी किया गया है।

यह होगा फायदा

केन्द्र पर बच्चे ने जो सीखा है वह जागरुक अभिभावक अभ्यास करा सकेंगे।

निरीक्षण के दौरान बच्चों से उस गतिविधि को कराकर देखा जा सकेगा।

काम में किसी भी प्रकार की लापरवाही और अनदेखी नहीं हो सकेगी।

अभिभावकों की केन्द्र पर बच्चों को नियमित भेजने के प्रति रूचि बढ़ेगी

Updated on:
23 Oct 2024 03:13 pm
Published on:
22 Sept 2024 02:31 pm