Rampur News: रामपुर में आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान से जुड़े दो पैन कार्ड मामले में सेशन कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपनी बहस पूरी कर ली है।
Azam Abdullah Pan Card Case: रामपुर में समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान से जुड़े चर्चित दो पैन कार्ड मामले में मंगलवार को सेशन कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा के खिलाफ दायर अपील पर अभियोजन पक्ष ने अपनी विस्तृत बहस पूरी कर ली है। अदालत में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मामले से जुड़े तथ्यों और जांच रिपोर्ट को आधार बनाते हुए अपने तर्क रखे। अब इस मामले में बचाव पक्ष को अपनी अंतिम दलील पेश करने के लिए 16 मार्च 2026 की तारीख तय की गई है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता सीमा राणा ने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से अपील पर विस्तार से बहस पूरी कर ली गई है। उन्होंने कहा कि जब से यह अपील सेशन कोर्ट में दाखिल हुई है, तब से अभियोजन लगातार अदालत में अपने कानूनी तर्क रख रहा था। सुनवाई के दौरान मामले से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को अदालत के सामने प्रस्तुत किया गया। अदालत ने अब बचाव पक्ष को अपना पक्ष रखने के लिए अगली तारीख निर्धारित की है।
मामले में आरोप है कि अब्दुल्ला आजम खान ने दो अलग-अलग पैन कार्ड बनवाए थे, जिसे लेकर विवाद शुरू हुआ था। इस प्रकरण में आजम खान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नासिर सुल्तान और उनकी कानूनी टीम पहले ही अदालत में अपना पक्ष रख चुकी है। अभियोजन की बहस पूरी होने के बाद अब बचाव पक्ष 16 मार्च को अदालत में अपना अंतिम जवाब प्रस्तुत करेगा, जिसके बाद मामले में आगे की सुनवाई का रास्ता तय होगा।
गौरतलब है कि 17 नवंबर 2025 को एमपी-एमएलए कोर्ट ने इस दो पैन कार्ड मामले में आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान को दोषी करार दिया था। अदालत ने दोनों को सात-सात साल की सजा सुनाई थी और प्रत्येक पर 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया था। अदालत के इस फैसले के बाद मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया था।
एमपी-एमएलए कोर्ट के फैसले के बाद 19 नवंबर 2025 को आजम खान के वरिष्ठ अधिवक्ता नासिर सुल्तान ने सेशन कोर्ट में सजा के खिलाफ अपील दाखिल की थी। इसी अपील पर वर्तमान में नियमित सुनवाई चल रही है। अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आगे का फैसला लिया जाएगा, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
यह मामला वर्ष 2019 में दर्ज कराई गई एक शिकायत से जुड़ा है। भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने सिविल लाइंस कोतवाली में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि अब्दुल्ला आजम खान ने दो अलग-अलग पैन कार्ड बनवाए हैं। पुलिस जांच के दौरान इस मामले में आजम खान का नाम भी जोड़ा गया था। इसके बाद अदालत में सुनवाई के दौरान दोनों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई गई थी, जिसके खिलाफ अब सेशन कोर्ट में अपील की सुनवाई जारी है।