इसकी शुरुआत 1 दिसंबर से हो रही है। इससे यात्रियों को शयनयान से लेकर द्वितीय श्रेणी वातानुकूलित डिब्बे में कुल 128 अतिरिक्त सीट का लाभ आरक्षण में मिलेगा।
रतलाम। पश्चिम रेलवे के रतलाम मंडल से गुजरने वाली यात्री ट्रेन नंबर 19037 व 19038 बांद्रा गौरखपुर बांद्रा ट्रेन को सप्ताह में तीन दिन एलएचबी प्रणाली से बने यात्री डिब्बों से चलाया जाएगा। इसकी शुरुआत 1 दिसंबर से हो रही है। इससे यात्रियों को शयनयान से लेकर द्वितीय श्रेणी वातानुकूलित डिब्बे में कुल 128 अतिरिक्त सीट का लाभ आरक्षण में मिलेगा।
मंडल रेल प्रवक्ता जेके जयंत ने बताया कि संरक्षा एवं यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गाड़ी संख्या 19037-19038 बान्द्रा गोरखपुर बांद्रा अवध एक्सप्रेस जिसका वर्तमान में कन्वेशनल रेक से परिचालन किया जा रहा है, को एलएचबी रेक में बदला जा रहा है। इसको सप्ताह में तीन दिन एलएचबी श्रेणी के डिब्बों से चलाया जाएगा।
इस तरह चलेंगे एलएचबी से
वर्तमान में इस ट्रेन के पांच में से तीन रेक को एलएचबी से बदला गया है। इस ट्रेन का प्रथम रेक बान्द्रा से१ दिसंबर से तथा गोरखपुर से 4 दिसंबर से, दूसरा रेक बान्द्रा से 3 दिसंबर से तथा गोरखपुर से 6 दिसंबर से व तीसरा रेक बान्द्रा से 4 दिसंबर से तथा गोरखपुर से 7 दिसंबर से चलेगी। इस ट्रेन में एक सेकेंड एसी, तीन थर्ड एसी, तेरह स्लीपर एवं दो सामान्य श्रेणी के कोच रहेंगे।
इस तरह होगा लाभ
सामान्य जो इस समय ट्रेन चल रही है उसमे जो श्रेणी के डिब्बे है उनकी संख्या आरक्षित स्तर पर 72 सीट होती है। जबकि द्वितीय वातानुकूलित शयनयान में 46 सीट तो तृतिय श्रेणी वातानुकूलित स्तर पर 64 सीट होती है। नए श्रेणी के डिब्बे होने पर इनकी संख्या में बढ़ोतरी होगी। एक तृतिय श्रेणी वातानुकूलित डिब्बे में यह 64 से बढ़कर 72 सीट हो जाएंगे। इस ट्रेन में तीन तृतिय वातानुकूलित डिब्बे है। एेसे में कुल 8 अतिरिक्त सीट का लाभ इस श्रेणी में मिलेगा। जबकि शयनयान में 72 सीट सामान्य स्तर पर होती है। एलएचबी में यह बढ़कर 78 सीट होंगे। 1 दिसंबर से 13 शयनयान में इनकी संख्या बढ़कर 78 सीट हो जाएगी। इस प्रकार एक ट्रेन में ही यात्रियों को 128 अतिरिक्त सीट का लाभ हो जाएगा।