
ratlam drm
रतलाम। पश्चिम रेलवे के सबसे महत्वपूर्ण रतलाम मंडल के नवागत डीआरएम ने शनिवार को पहला निरीक्षण किया। वे शिप्रा ब्रिज से उज्जैन रेलवे स्टेशन तक पहुंचे और यात्रियों से चर्चा कर सुविधा और सुधार पर बात की। वहीं, रेलवे के तकनीकी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों से भी सवाल किए तो करीब 4 किमी पैदल चलकर सेक्शन का जायजा लिया। उधर, रतलाम मंडल मुख्यालय के स्टेशन पर यात्री सस्ती दर पर मिलने वाले जनता खाने के लिए परेशान होते रहे। स्टेशन के ज्यादातर स्टॉल पर जनता खाना बंद कर दिया गया है। अब रेलवे मंडल के जिम्मेदार सूचना के बाद स्टॉल निरीक्षण करने का दावा कर रहे हैं।
रेल मंडल के नवागत डीआरएम विनीत कुमार गुप्ता ने शिाप्रा ब्रिज से लेकर उज्जैन रेलवे स्टेशन तक चार किमी का दौरा चार घंटे में शनिवार को किया। सुबह सड़क मार्ग से डीआरएम गुप्ता सबसे पहले क्षिप्रा ब्रिज के करीब पहुंचे व विभिन्न निर्माण कार्यो को देखा। डीआरएम ने यात्रियों से सवाल किया कि किस प्रकार के सुधार व सुविधा की जरूरत है, इस बारे में बताया जाए। सुबह करीब 10 बजे डीआरएम गुप्ता पहले क्षिप्रा ब्रिज पहुंचे। यहां वीयूडी के निर्माण के बारे में जानकारी ली। सिग्नल प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए हो रहे इस निर्माण के बाद ट्रेन का ठहराव आउटर पर बंद हो जाएगा। नए ब्रिज का निरीक्षण किया। यहां से पैदल ही गेट 26 पर पहुंचे। गेटमैन से निकलने वाली ट्रेन की जानकारी सहित सुरक्षा व संरक्षा के बारे में सवाल किए। करीब 30 मनट तक जानकारी ली व स्टेशन तक पैदल ही पहुंचे।
स्टेशन का निरीक्षण किया
बाद में रेलवे स्टेशन पहुंचे व करीब दो घंटे तक विभिन्न प्लेटफॉर्म पर गए। इन प्लेटफॉर्म पर यात्री सुविधा की जानकारी ली व यात्रियोंं से बात भी की। यात्रियों ने बताया कि देशभर के यात्री यहां आते है। आकस्मिक स्थिति होने पर चिकित्सक की सुविधा तो मिलती है, लेकिन दवा की सुविधा नहीं है। इस बारे में योजना बनाने का भरोसा डीआरएम ने दिया। स्टेशन के अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान लॉबी, रनिंग रूम आदि को भी देखा। शाम को सड़क मार्ग से डीआरएम वापस आ गए।
गायब हो गया जनता खाना
मंडल मुख्यालय के स्टेशन रतलाम के विभिन्न प्लेटफॉर्म के स्टॉल से जनता खाना गायब हो गया है। शनिवार दोपहर 12 बजे बाद पत्रिका टीम ने जब अलग-अलग प्लेटफॉर्म की दुकानों को स्कैन किया तो किसी भी स्टॉल पर जनता खाना के पैकेट नहीं मिले। एक स्टॉल पर काम करने वाले कर्मचारी ने बताया कि वे बनाते ही नहीं है। तत्कालीन समय में रेलमंत्री ममता बनर्जी ने सस्ते दर पर भोजन उपलब्ध कराने के लिए जनता खाना की शुरुआत हुई थी। इसमे मात्र 15 रुपए में 7 पूड़ी, आलू की सब्जी व अचार मिलता है। स्टेशन पर यह नियमित रूप से मिले इसके लिए वाणिज्य विभाग ने एक अधिकारी नगेंद्रङ्क्षसह परिहार की नियुक्ति की है। इसके बाद भी यह हालात है।
समाप्त हो गया है, शाम को मिलेगा
प्लेटफॉर्म चार पर प्रवेश करते ही गीता कैटर्स की स्टॉल है। जनता खाना मांगने पर कहा गया समाप्त हो गया है, शाम को मिलेगा। सवाल करने पर कि अभी खाने का समय है क्यों नहीं मिल रहा है तो जवाब दिया गया कि अभी कोई ट्रेन नहीं है, जब ट्रेन आए तब आना। प्लेटफॉर्म नंबर चार पर ही कंचन रेस्टोरेंट नाम की स्टॉल है। यहां पर भी जनता खाना नहीं था। जब मांगा गया तो बताया गया कि कुछ देर रुकें, आर्डर किया है, आ रहा है। हालांकि आधे घंटे बाद तक भी पैकेट नहीं आए। स्टॉल की ओर से सही जवाब भी नहीं मिला।
यात्रियों से चर्चा, ली जानकारी
शिप्रा ब्रिज से लेकर उज्जैन स्टेशन तक कई व्यवस्थाओं को देखा और यात्रियों से भी चर्चा की है, आगे भी फीडबैक लिया जाएगा। जहां तक जनता खाना की बात है तो इस मामले में गभीर कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए है।
- विनीत गुप्ता, मंडल रेल प्रबंधक, रतलाम
Updated on:
24 Nov 2019, 11:27 AM IST
Published on:
24 Nov 2019, 11:27 AM IST
बड़ी खबरें
View Allरतलाम
मध्य प्रदेश न्यूज़
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.