कोरोना से जंग जीतेंगे हम...नई व्यवस्था: प्रदेशभर के सवा लाख व पूरे विश्व के 8 लाख बोहरा समाज परिवारों में घर पहुुंचेंगी भोजन सामग्री।
आशीष पाठक
रतलाम. बोहरा समाज ने सैयदना साहब के कहने पर पूरे विश्व में समाज के 8 लाख घरों में किराना सामान पहुंचाने की नई व्यवस्था की है। प्रदेशभर में 1.25 लाख घरों में इसका पालन भी शुरू हो गया है। रतलाम में पहले 10 हजार लोगों तक भोजन के टिफिन एक समय पहुंचाएं जाते थे, लॉकडाउन से टिफिन सेवा कार्य प्रभावित हुआ तो अब भोजन निर्माण के लिए सामाग्री पहुंचाने की नई व्यवस्था हो गई है। कोरोना वायरस से लडऩे के लिए यह नई पहल की गई है।
बोहरा समाज के प्रवक्ता शब्बीर भाई सेठजीवाला व सलीम आरिफ ने संयुक्त रुप से बताया कि कोरोना वायरस विरोधी अभियान-कफ्र्यू, लॉकडाउन आदि के चलते सैयदना साहब के आदेश के मुताबिक अब हर घर में एक महीने का किराना सामान भेजा जा रहा है। अकेले रतलाम में ही करीब 10 हजार बोहरा समाजजन हैं। इन सब परिवारों में किराना सामान पहुंचाने में भी सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन भी किया जा रहा है। पहले समाजजनों के घरों पर एक समय के खाने का टिफिन जमात द्वारा भेजा जा रहा था। लॉकडाउन के बाद से टिफिन की व्यवस्था गड़बड़ा गई है। समाज के 53 वें धर्मगुरु आली कदर मुफद्दल सैफुद्दीन मोला (तउश) के आदेश के बाद विश्व के सभी बोहरा परिवारों में किराना के जरूरी सामान के पैकेट भेजे जा रहे हैं। यह सामान इतना है कि एक परिवार को महीने भर के राशन की चिंता से राहत मिल जाए। प्रदेश में करीब सवा लाख घरों तक सामग्री पहुंचेंगी।
यह है पैकेट में सामग्री
प्रति परिवार भेजी जा रही राशन सामग्री का वजन 35 किलो के करीब और अनुमानित खर्च 2700 रु है। यह सारी सामग्री निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। राशन सामग्री में आटा, चावल, शकर, चार तरह की मिक्स दाल, आलू, प्याज, तेल, मिल्क पावडर का डिब्बा, मसाले, चाय पत्ती, नमक आदि सहित 16 आयटम हैं। किसी परिवार में गैस टंकी का संकट आ जाए तो उसकी व्यवस्था भी है। रतलाम शहर में सैफी मोहल्ला, बुरहानी मोहल्ला, कलीमी कॉलोनी, नजमी मोहल्ला, कुतुबी मोहल्ला, इजी मोहल्ला, वजीपुरा सहित करीब 10 मोहल्लों में रहने वाले समाजजन को यह सामग्री भेजी जा रही है। इसके अलावा जरूरतमंद को दवाइयों का वितरण सशुल्क ऑन डोर किया जा रहा है।