किसी का नाम रचना है तो कोई कृष्णा, इस समय जब मौसम ने आग उगलना शुरू कर दिया है, व तपती दोपहरी में बाहर खडे़ रहना आसान नहीं है, बदलते वेदर में यह महिलाएं आपके स्वास्थ्य की चिंता करते हुए लगातार प्रतिदिन सुबह से लेकर देर शाम तक कार्य कर रही है। हम बात रह रहे है आंगनवाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं की, जो इन दिनों रतलाम सहित मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस के दौरान लगे हुए लॉकडाउन में भी एक एक घर जाकर सर्वे कर रही है।

रतलाम. किसी का नाम रचना है तो कोई कृष्णा, इस समय जब मौसम ने आग उगलना शुरू कर दिया है, व तपती दोपहरी में बाहर खडे़ रहना आसान नहीं है, बदलते वेदर में यह महिलाएं आपके स्वास्थ्य की चिंता करते हुए लगातार प्रतिदिन सुबह से लेकर देर शाम तक कार्य कर रही है। हम बात रह रहे है आंगनवाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं की, जो इन दिनों रतलाम सहित मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस के दौरान लगे हुए लॉकडाउन में भी एक एक घर जाकर सर्वे कर रही है। यह सर्वे हो रहा है कि कही आपके यहां कोई बाहर से तो नहीं आया, जिनकी स्क्रीनिंग होना शेष हो। इस समय जिले में 2124 आंगनवाड़ी है, जिनमे 2109 कार्यकर्ता कार्य कर रही है। इनके साथ इतनी ही आशा कार्यकर्ता कंधे से कंधा मिलाकर जिले के प्रत्येक आवास में जाकर यह सवाल कर रही है कि कोई बाहर से तो नहीं आया, जिनकी स्क्रीनिंग नहीं हुई हो।
आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि इनको स्वयं की सुरक्षा के लिए एक बार 500 एमएल सैनिटाईजर दिया गया था। मास्क की व्यवस्था भी स्वयं ही की। कुछ स्थान पर इसका वितरण हुआ, लेकिन अधिकांश को इसकी खरीदी करना पड़ी। सुबह 8 बजे से शाम को करीब 6 बजे तक इनका सर्वे विभिन्न गली, मोहल्लो व कॉलोनियों में जारी है। चुकी शासन की विभिन्न योजनाओं के चलते इनका मोहल्ले के घरों में आना जाना रहता है, इसलिए करीब करीब सभी की पहचान है। इनकी शिकायत यह है कि ये हर किसी के घर जा रही है, लेकिन लोग बगैर मुह पर मास्क लगाए बाहर सवाल के जवाब देने आते है। सिर्फ शिकायत हो एेसा भी नहीं है, इनके अनुभव कुछ क्षेत्र में बेहतर भी है, जहां इनको शीतल पानी से लेकर चाय तक नसीब हो रही है।
कुछ ने पानी तो कुछ ने दी चाय
एक कार्यकर्ता ने नाम नहीं प्रकाशन के आग्रह के साथ बताया कि समाज में सभी प्रकार के लोग है। जहां कुछ मोहल्लों में सवाल जवाब के लिए पुलिस की जरुरत पड़ी तो कुछ मोहल्लों में आमजन से पूरा सहयोग किया। कुछ ने शीतल जल तो कुछ ने चाय दी। हालांकि शासन से ये थोडे़ नाराज है। इनका मानना है कि शासन को इनके कार्यो को देखते हुए सैनिटाईजर और देना चाहिए। हालांकि इस बात की फिक्र किए बगैर लगातार इनका कार्य जारी है।
आमजन इनको सहयोग करें
कोरोना वायरस को बढऩे से रोकने के लिए प्रत्येक व्यक्ति अपने स्तर पर कार्य कर रहा है। इसी के अंतर्गत हमारे विभाग की कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के साथ सर्वे कर रही है। आमजन से अपील है कि वे सहयोग करें।
- सुनीता यादव, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला व बाल विकास