BREAKING तीन दिन होंगे ये चुनाव, 15 लाख मतदाता तय करेंगे किसकी चलेगी सरकार में
रतलाम। लंबे समय से इस चुनाव की तारीख का इंतजार किया जा रहा था। इस चुनाव में देश के 15 लाख मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगे। लोकसभा चुनाव 2019 में केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार बनने के बाद से इस चुनाव की तारीख का इंतजार किया जा रहा था। रेलवे में छह वर्ष पूर्व संगठन की मान्यता के चुनाव हुए थे।
अब फिर से सरकार ने इनकी तारीख की घोषणा कर दी है। ये चुनाव अगस्त की 26,27,28 अगस्त को होंगे। इसमे कांग्रेस व वाम समर्थक एनएफआईआर व एआईएफआर के अलावा मोदी सरकार की समर्थक भारतीय रेल मजदूर संघ भी चुनावी मुकाबले में उतरेगी। बड़ी बात ये है कि सरकार समर्थक भारतीय रेल मजदूर संघ को अब तक मान्यता नहीं मिली है। इन चुनाव के परिणाम से ये तय होगा की सरकार के रेल मंत्रालय में किस संगठन की चलेगी।
लोकसभा चुनाव 2019 के बाद अब केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार एक नए चुनाव की तैयारी में लग गई है। करीब 6 वर्ष बाद होने वाले इस चुनाव में देश की नजर रहेगी, क्योकि जिस संस्था को लेकर ये चुनाव है, यहां पर अब तक भाजपा समर्थित एक भी संगठन चुनाव नहीं जीत पाया है। असल में रेल संगठनों में मान्यता को लेकर चुनाव अगस्त माह में होंगे। इसकी तारीख का निर्धारण आगामी 7 जून के बाद तब होगा जब सदस्यता अभियान समाप्त हो जाएगा। मंडल में सभी प्रमुख संगठन इस समय सदस्यता अभियान को बढ़ाने में लगे हुए है।
आदेश हो गए जारी
रेलवे बोर्ड के निदेशक देवाशीष मलीक ने चुनाव को लेकर आदेश जारी कर दिए है। जारी आदेश के अनुसार अगस्त माह में रेल संगठनों की मान्यता के चुनाव होंगे। इस चुनाव की तारीख की घोषणा अगले माह की जाएगी। बता दे की रतलाम मंडल में वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाईज यूनियन, वेस्टर्न रेलवे मजदूर संघ के अलावा पश्चिम रेलवे कर्मचारी परिषद संगठन काम करता है।
परिषद को छोड़कर शेष संगठनों को मान्यता मिली हुई है। राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय रेल मजदूर कार्य करता है, लेकिन भाजपा समर्थित इस संगठन को अब तक रेलवे में मान्यता नहीं मिली है। इस बार मान्यता के लिए नियम में बदलाव करते हुए 10 से 15 प्रतिशत वोट लाने पर मान्यता देने की बात की जा रही है, जबकि पूर्व में ये 30 प्रतिशत रहा है।
निर्वाचन सदस्य संख्या के बाद
सदस्यता अभियान 7 जून तक चलेगा। इसके बाद संगठन अपने-अपने सदस्यों के दावे करेंगे। कुछ दिन पूर्व मुंबई में कुछ रेल कर्मचारियों ने इस बात की शिकायत की थी कि उनको जबरन सदस्य बनाया जा रहा है। यहां तक की सदस्य बनाने के लिए बगैर अनुमती वेतन में से रुपए काटे जा रहे है। इसी प्रकार की शिकायत डीजलशेड के कर्मचारियों ने भी कुछ समय पूर्व की थी।
इस बार चुनाव में 15 प्रतिशत वोट लाने वाले संगठन को मान्यता मिलेगी। पूर्व में ये नियम नहीं था। पदाधिकारियों के अनुसार एक खास संगठन को मान्यता देने के लिए नियम बदले गए है। इन सब के बीच भारतीय रेल मजदूर संघ भी अपनी सक्रियता को बढ़ा रहा है। कुछ दिन पूर्व ही यहां पर संगठन का राष्ट्रीय सम्मेलन हुआ है।
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