योजना को हेल्थ ऑन स्टेशन नाम दिया गया, यात्रियों की पांच प्रकार की स्वास्थ्य जांच करने वाले बनेंगे पहले रेलवे स्टेशन, रतलाम, इंदौर व उज्जैन में जनवरी से होगी शुरुआत।
रतलाम। वर्ष 2020 की शुरुआत के साथ ही रतलाम, इंदौर व उज्जैन के वे मुसाफिर जो रेलवे स्टेशन पर जाएंगे, उनको हेल्थ ऑन स्टेशन योजना के माध्यम से पांच प्रकार की मेडिकल जांच का लाभ रेलवे देने जा रही है। अब तक टे्रन में बीमार होने पर इलाज की सुविधा मिलती है, लेकिन जांच की शुरुआत करने वाला देशभर में पहला रेल मंडल रतलाम बनने जा रहा है। रतलाम, इंदौर व उज्जैन में पांच प्रकार की जांच की शुरुआत जनवरी 2020 से शुरू करने की योजना को डीआरएम विनीत गुप्ता ने सोमवार को मंजूरी दे दी है।
अभी मिलती है यह सुविधा
अगर इस समय प्लेटफॉर्म या चलती ट्रेन में किसी यात्री की तबियत खराब हो तो यात्री सोशल मीडिया की मदद लेता है। इसके लिए रेलवे को अधिकृत खाते पर ट्वीट करने पर रेलवे अस्पताल के चिकित्सक आते है। इसके बाद नाममात्र के शुल्क पर यात्री को इलाज व दवा दी जाती है। जरुरत होने पर यात्री को भर्ती भी किया जाता है।
अब बनाई यह योजना
रेलवे के वाणिज्य विभाग ने योजना बनाई है। इसको हेल्थ ऑन स्टेशन नाम दिया गया गया है। इसमे रेलवे द्वारा तय किए गए चिकित्सक 18 घंटे अपनी सेवाएं देंगे। इसके बदले वे बाजार दर से काफी शुल्क लेंगे, लेकिन रक्त से लेकर यूरिन की विभिन्न प्रकार की जांच करके रिपोर्ट भी देंगे। इस सुविधा का लाभ लेने के लिए मरीज को यात्री होना जरूरी होगा। अगर आपके पास प्लेटफॉर्म टिकट भी है तो इस योजना का लाभ पाने के पात्र होंगे। इसके लिए रेलवे शहर के चिकित्सकों व पैथोलॉजी लैब संचालकों को जांच के लिए आमंत्रित करने जा रही है।
होगी यह जांच
शुरुआत में जो योजना मंजूर की गई है उसमे उच्च व निम्न रक्तचाप, थायरायड, हिमोग्लोबिन, मधुमेह व गर्भावस्था है या नहीं इसकी जांच होगी। आगे यात्रियों की रुचि पाए जाने पर इसको बढ़ाया जाएगा। इसकी मंजूरी सोमवार शाम को मंडल रेल प्रबंधक गुप्ता ने दे दी है। इसके लिए योजना पर चर्चा हाल ही में अपने मुंबई दौरे के समय वरिष्ठ अधिकारियों ने मंडल रेल प्रबंधक गुप्ता ने कर ली है। बेहतर करने का प्रयासयात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य मिले इसके लिए अब तक दवा मांगने पर दी जाती है। अब नए वर्ष से विभिन्न प्रकार की जांच का लाभ भी मिले इस योजना पर कार्य चल रहा है।
पांच प्रकार की जांच को शामिल
योजना में शुरू में पांच प्रकार की जांच को शामिल किया गया है। चिकित्सकों की रुचि रही तो इसको बढाया जाएगा।
- विनीत गुप्ता, मंडल रेल प्रबंधक, रतलाम रेल मंडल