करीब तीन घंटे तक आकाश में होने वाली इस खगोलीय घटना से इसका असर विभिन्न राशि वालों पर होगा। कुछ राशि वाले मालामाल होंगे तो कुछ को अपनी सेहत का विशेष यान रखना होगा।
रतलाम। इस वर्ष जुलाई माह में दो ग्रहण हो रहे है। पहला ग्रहण तो 2 जुलाई को सूर्य का होगा तो दूसरा ग्रहण पूर्णिमा के दिन चंद्र का होगा। 16 व 17 जुलाई की रात पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण हो रहा है। 2018 के बाद फिर से 2019 में चंद्र ग्रहण पूर्णिमा की रात को आ रहा है। चंद्र ग्रहण रतलाम सहित भारत में नजर आएगा। करीब तीन घंटे तक आकाश में होने वाली इस खगोलीय घटना से इसका असर विभिन्न राशि वालों पर होगा। कुछ राशि वाले मालामाल होंगे तो कुछ को अपनी सेहत का विशेष यान रखना होगा।
रतलाम के प्रसिद्ध ज्योतिषी वीरेंद्र रावल ने बताया कि 16-17 जुलाई की दरमियानी रात 1.32 बजे ग्रहण का स्पर्श होगा। रात्रि 3.01 बजे ग्रहण का मध्य रहेगा। रात्रि 4.30 बजे ग्रहण का मोक्ष होगा। चंद्र ग्रहण का कुल समय 2 घंटे 58 मिनट का रहेगा। इस बार आषाढ़ पूर्णिमा 16 जुलाई को विशिष्ट करण, वैधृति योग,पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र, तथा धनु राशि के चंद्रमा की उपस्थिति में आ रही है। ग्रह गोचर की दृष्टि से देखें तो इस दिन खंडग्रास चंद्र ग्रहण का योग बन रहा है। यह ग्रहण पूरे भारत में दिखाई देगा।
चार ग्रह राहु-केतु से पीडि़त
उत्तराषाढ़ा नक्षत्र तथा धनु व मकर राशि में चंद्र ग्रहण होने से अतिवृष्टि के साथ कहीं-कहीं प्राकृतिक असंतुलन की स्थिति निर्मित होगी। ग्रहों की दृष्टि से देखें तो इसका समसप्तक दृष्टि संबंध मिथुन राशि स्थित सूर्य, राहु व शुक्र की त्रिग्रही युति से बन रहा है। इसका असर प्राकृतिक, सामाजिक व राजनीतिक प्रभावों को दर्शाएगा। यह चंद्र ग्रहण धनु राशि में चंद्र-केतु-शनि की त्रिग्रही युति के साथ हो रहा है। ग्रह युतियों में देखें तो दोनों युतियों में चार ग्रह राहु-केतु से पीडि़त हैं।
राशि से लेकर देश पर इसका असर
इस ग्रहण का असर राशि से लेकर देश पर होगा। सरकार में बडे़ अधिकारियों के कामकाज में बदलाव होगा। कुछ राज्यों में सरकार में परिवर्तन भी अचानक होगा। मंगल व बुध के साथ चंद्र ग्रहण की युति होने से षडास्ष्टक योग बनेगा। भारत में प्रचलित मैदीनी ज्योतिषी के अनुसार इस घटना से जलवायु में परिवर्तन या मौसम में बदलाव होगा। वर्षा पर कही-कही ब्रेक लगेगा।
राशि अनुसार होगा असर
ये ग्रहण धनु राशि पर होगा। धनु राशि में ग्रहण के समय शनि व केतु की उपस्थित है। चंद्र पर सूर्य, शुक्र व राहु की दृष्टि है। कर्क राशि में दो विपरित विचारधारा के ग्रह बुध व मंगल साथ है। ये योग धनु राशि वालों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डालेगा। ग्रहण के समय की कुंडली में गुरु का सप्तम भाव में होकर लग्न को देखना ही बेहतर योग बना रहा है। जो व्यक्ति अपने इष्ट की आराधना करेगा, उसको ग्रहण का आंशिक असर होगा। मेष राशि वालों को धन का लाभ, वृष राशि वालों को आय में बढ़ोतरी, मिथुन राशि वालों को स्वास्थ्य का लाभ, कर्क राशि वालों को तबीयत खराब, सिंह राशि वालों को मानमर्दन, कन्या राशि वालों को प्रमोशन, तुला राशि वालों को धन का के साथ भूमि से लाभ, वृश्चिक राशि वालों को आय का नुकसान, धनु राशि वालों को तबीयत खराब, मकर राशि वालों को नौकरी में तरक्की, कुंभ राशि वालों को छल करने से लाभ, मीन राशि वालों को परिवार से लाभ मिलेगा।