जिले में वर्ष 2004 - 2005 से लेकर 2014 - 2015 तक किचनशेड निर्माण के लिए रुपए लेकर भी काम नहीं करने वाले जनपद सीईओ व नगरीय सीएमओ से 35 लाख रुपए से अधिक की वसूली जिला पंचायत ने निकाली है।
रतलाम. जिले में वर्ष 2004 - 2005 से लेकर 2014 - 2015 तक किचनशेड निर्माण के लिए रुपए लेकर भी काम नहीं करने वाले जनपद सीईओ व नगरीय सीएमओ से 35 लाख रुपए से अधिक की वसूली जिला पंचायत ने निकाली है। यह वसूली के लिए बुधवार को हुई समीक्षा बैठक में दो दिन का समय दिया गया था। शुक्रवार तक एक भी संस्था ने रुपए जमा नहीं किए है। इन सब के बीच जिला पंचायत ने रुपए लेकर काम नहीं करने वाले अधिकारियों की सूची की जानकारी मांगी है। सूची मिलने के बाद इनके बारे में शासन को सूचना दी जाएगी।
गत बुधवार को जिला पंचायत ने मध्यान्ह भोजन के लिए किचनशेड के निर्माण सहित अन्य मामलों की समीक्षा बैठक की थी। इस बैठक में यह सामने आया था कि सैलाना जनपद के अलावा आलोट व नामली नगर परिषद ने रुपए तो ले लिए थे, लेकिन अब तक निर्माण कार्य नहीं किया। इसके बाद जिला पंचायत सीईओ ने दो दिन में रुपए जमा करने के आदेश बैठक में ही दे दिए थे।
इनसे इतनी वसूली
सैलाना जनपद में सबसे अधिक 50 किचनशेड का निर्माण रुपए लेकर अब तक नहीं हुआ। इसके लिए प्रत्येक किचनशेड के लिए 60 - 60 हजार रुपए के मान से 30 लाख रुपए की मंजूरी हुई थी। सैलाना मंे निर्माण कार्य नहीं करने पर 2004 - 2005 से लेकर 2014 - 2015 तक जो सीईओ रहे इनके बारे में जानकारी मांगी गई है। अब जिला पंचायत शासन को पत्र लिखकर नामजद सूचना देगा। नामली नगर परिषद ने 2.40 लाख रुपए लिए लेकिन 4 किचन शेड नहीं बनाए तो आलोट नगर परिषद ने 3 लाख रुपए तो ले लिए लेकिन 5 किचनशेड का काम शुरू ही नहीं किया। अब नामली व आलोट के बारे में भी जानकारी जिला पंचायत ने मांगी है। यहां पूर्व में पदस्थ रहे अधिकारियों के नाम शासन को भेजे जाएंगे।
नहीं जमा किए रुपए
जिला पंचायत सीईओ ने बैठक में दो दिन का समय रुपए जमा करने को कहा था, लेकिन शुक्रवार तक नामली, आलोट व सैलना से किचनशेड का रुपया जमा नहीं हुआ। जनपद व अन्य संस्था जिला पंचायत से अधिकृत पत्र का इंतजार कर रही है।
Ratlam VIDEO पशुपालन विभाग की जनगणना में हुआ खुलासा, पांच साल में दो गुने हो गए आवारा कुत्ते
नियम अनुसार कार्रवाई होगी
बैठक में साफ बता दिया गया था कि काम नहीं किया है तो शासन के रुपए वापस जमा किए जाए। तय समय सीमा तक रुपए जमा नहीं होने पर नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
- संदीप केरकेट्टा, सीईओ जिला पंचायत