रतलाम

रतलाम में कलेक्टर ने जारी किया वीडियो, बोली यह बड़ी बात

सरकारी बैठक में अपने गुस्से को लेकर चर्चित रतलाम कलेक्टर ने पत्रिका की खबर के बाद अपना बेतुका आदेश किया संशोधित किया है। अब कलेक्टर बोले, कम संख्या में आने पर नहीं कोई बंदिश, वीडियो जारी कर दी सफाई...अब कोई भी अधिकारी ले सकेगा ज्ञापन

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Mar 11, 2022
ratlam collector released video, said this is a big thing
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रतलाम. सरकारी बैठक में अपने गुस्से को लेकर चर्चित रतलाम कलेक्टर ने पत्रिका की खबर के बाद अपना बेतुका आदेश किया संशोधित किया है। अब कलेक्टर ने कहा है कि उनको ज्ञापन देने कम संख्या में आने पर नहीं कोई बंदिश नहीं है। रतलाम जनसंपर्क विभाग से वीडियो जारी कर कलेक्टर ने सफाई दी है। कलेक्टर के अनुसार अब कोई भी अधिकारी ज्ञापन ले सकेगा। बता दे इसके पूर्व कलेक्टर ने आदेश जारी कर कहा था कि ज्ञापन देने सीधे कोई नहीं आएगा, बल्कि इसकी पूर्व में सूचना देना होगी।

शासकीय कार्य में व्यवधान का हवाला देकर कलेक्टोरेट में बिना पूर्व सूचना के ज्ञापन नहीं लेने एवं दो अफसर निर्धारित करने के आदेश को रतलाम कलेक्टर कुमार पुरूषोत्तम ने संशोधित कर दिया है। गुरूवार को कलेक्टर ने एक वीडियो संदेश जारी कर अपनी सफाई दी और नई व्यवस्था में बदलाव की सूचना जनसंपर्क विभाग के माध्यम से जारी कर दी। अब कलेक्टोरेट में मौजूद कोई भी अधिकारी ज्ञापन ले सकेगा तो निर्धारित संख्या में आने पर किसी तरह की अनुमति की आवश्यकता भी नहीं होगी।

ज्ञापन लेने पर कथित पाबंदी

मालूम हो कि रतलाम कलेक्टर ने 7 मार्च को एक आदेश के जरिए कलेक्टोरेट में ज्ञापन लेने के लिए तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार को नियुक्त करते हुए बिना पूर्व अनुमति के आने पर ज्ञापन लेने पर कथित पाबंदी लगा दी थी। अब कलेक्टर ने इसमें संशोधन करते हुए निर्धारित संख्या में आने पर अनुमति संबंधी प्रावधान हटा दिया है तो यह भी कहा है कि अब कलेक्टर कार्यालय में मौजूद कोई भी अधिकारी सक्षम अधिकार के तहत ज्ञापन ले सकता है, अब भीड़ के रूप में आने के दौरान ही पूर्व सूचना संंबंधी प्रावधान पर अमल होगा।

जमकर हो रहा था विरोध ट्वीट पर भी जमकर ट्रोल

कलेक्टर कुमार पुरूषोत्तम ने बिना अनुमति ज्ञापन पर रोक और दो अफसर संबंधी प्रावधान को लेकर ट़्वीट भी किया था। उनके इस आदेश के ट्वीट पर यूजर्स ने जमकर विरोध किया। वहीं, शहर विधायक सहित भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने भी इसे बेतुका आदेश बताते हुए साफ कहा कि अधिकारी जनता से नहीं मिलेंगे तो कैसे कार्य कर पाएंगे।

पत्रिका ने प्रमुखता से उठाया मुद्दा

जनता के अधिकार को प्रावधानों में बांधने वाले आदेश पर पत्रिका ने 10 मार्च के अंक में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया तो शाम को कलेक्टर कुमार पुरूषोत्तम ने अपना संशोधित आदेश का वीडियो जारी कर दिया। जनसंपर्क विभाग कार्यालय रतलाम ने बकायदा इस वीडियो के साथ लोगों की सुनवाई करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

IMAGE CREDIT: patrika
Published on:
11 Mar 2022 02:51 pm