रतलाम

रेल कर्मचारी के बेटों ने कहा, पापा हम भी सेवा करें, फिर घर में बना दिए 100 मास्क

कोरोना वायरस के दौरान जब सोशल डिस्टेंस बढ़ाने व संक्रमण को रोकने के लिए हर काई अपनी तरफ से अलग-अलग सेवा के कार्य कर रहा है, तब रेलवे अस्पताल में पदस्थ नर्सिंग अधीक्षक हेमेंद्र शर्मा ने दो दिन में 100 से अधिक मास्क बनाकर अस्पताल के कर्मचारियों को वितरीत कर दिए है। यह कार्य करने की प्रेरणा बेटे अंश शर्मा व अथर्व शर्मा से मिली।

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Apr 04, 2020
बेटे ने कहा, पापा हम भी सेवा करें, फिर घर में बना दिए 100 मास्क

रतलाम. कोरोना वायरस के दौरान जब सोशल डिस्टेंस बढ़ाने व संक्रमण को रोकने के लिए हर काई अपनी तरफ से अलग-अलग सेवा के कार्य कर रहा है, तब रेलवे अस्पताल में पदस्थ नर्सिंग अधीक्षक हेमेंद्र शर्मा ने दो दिन में 100 से अधिक मास्क बनाकर अस्पताल के कर्मचारियों को वितरीत कर दिए है। यह कार्य करने की प्रेरणा बेटे अंश शर्मा व अथर्व शर्मा से तब मिली, जब दोनों ने कहा कि हर वर्ष गर्मी की छूट्टी में कुछ न कुछ खेलते रहते है, इस बार कोरोना से लडऩे के लिए कुछ सेवा का कार्य किया जाए।

वेस्टर्न रेलवे रतलाम मंडल के मंडल चिकित्सालय में पदस्थ हेमेंद्र शर्मा वरिष्ठ नर्सिंग अधीक्षक ने अपने परिवार के साथ मिलकर 100 से अधिक हरे रंग का मास्क अपने घर पर बनाए व इनको रेलवे चिकित्सालय के सभी अधिकारी कर्मचारियों को वितरित किए। उनके द्वारा उनको बनाने में उनकी पत्नी डिंपी के अलावा बेटों ने साथ दिया। बता दे कि यह वो समय है जब हर कोई अपनी तरफ से अलग-अलग तरह से सेवा के कार्य कर रहा है। तब दो छोटे बच्चो ने अपने परिवार को सेवा की प्रेरणा दी है।

इस तरह आया विचार

पत्रिका को अथर्व व अंश ने फोन पर बताया कि पापा तो अस्पताल में दिनरात मरीजों के लिए कुछ न कुछ सेवा करते रहते है व मम्मा घर में सुबह से लेकर रात तक विभिन्न प्रकार के कार्य करती है। इसके बाद हमने सोचा की कुछ तो करना चाहिए जिससे कोरोना संक्रमण को रोकने में मदद मिले। बस इसके बाद पापा से बात की। मास्क बनाने का विचार आया। पापा ने तरीका बताया व परिवार ने मिलजुलकर दो दिन में 100 मास्क बना लिए। इनके वितरण का कार्य पिताजी के जिम्मे कर दिया। अब लगातार यह कार्य जारी है।

Published on:
04 Apr 2020 12:52 pm
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