अब तक यह तो सभी जानते है कि भारतीय रेलवे ने कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ी जाने वाली जंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद मंत्री पीयूष गोयल के कहने पर अपने यात्री डिब्बों को आईसुलेशन वॉर्ड में बदलने की शुरुआत की है। लेकिन इस बात को कम लोग जानते है कि यह कार्य होता किस तरह है। पहली बार देखें यह VIDEO जिससे आपको पता चलेगा कैसे रेल डिब्बों को आईसुलेशन वॉर्ड में बदला जा रहा है।
रतलाम. अब तक यह तो सभी जानते है कि भारतीय रेलवे ने कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ी जाने वाली जंग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद मंत्री पीयूष गोयल के कहने पर अपने यात्री डिब्बों को आईसुलेशन वॉर्ड में बदलने की शुरुआत की है। लेकिन इस बात को कम लोग जानते है कि यह कार्य होता किस तरह है। पहली बार देखें यह VIDEO जिससे आपको पता चलेगा कैसे रेल डिब्बों को आईसुलेशन वॉर्ड में बदला जा रहा है।
रेल मंडल मुख्यालय पर गुरुवार से डाउन यार्ड में नौ यात्री ट्रेन के सामान्य डिब्बों को कोरोना वायरस के लिए लड़ी जा ही जंग में बीमारों का इलाज करने के लिए आईसुलेशन वार्ड में बदलने की शुरुआत हो गई। इसके लिए रेलवे की तकनीकी टीम तीन दिन में सभी डिब्बों को आईसुलेशन वार्ड में बदल देगी। इसके लिए बीच की सीट को निकाला जा रहा है व जो सुविधाघर होता है, उसमे एक को बंद करके स्नान करने की सुविधा दी जा रही है। इन डिब्बों को इंदौर भेजा जाएगा जहां सबसे अधिक प्रभावित सामने आए है। तकनीकी टीम के कर्मचारियों ने बताया कि इन नौ डिब्बों में से बीच की सीट को निकाला जा रहा है। जिससे की बीमार मरीज को बैठने, उठने में समस्या नहीं हो। इसमे पहले केबिन में चिकित्सकों के लिए स्थान रहेगा। इतना ही नहीं, ट्रेन के डिब्बे में जो सुविधाघर दोनों तरफ रहता है, उसमे एक - एक सुविधाघर को बंद करके मरीज के स्नान के लिए स्थान बनाया जाएगा।
जहां आदेश करेगी वहां भेजा जाएगा
इन डिब्बों को प्राथमिकता से इंदौर सहित पश्चिम रेलवे जहां आदेश करेगी वहां भेजा जाएगा। निर्माण कार्य की शुरुआत गुरुवार सुबह से कर दी है। इसके बाद तीन दिन में जैसे ही निर्माण कार्य पूरा होगा उसके बाद इनको भेजना शुरू कर देंगे।
- विनित गुप्ता, मंडल रेल प्रबंधक, रतलाम रेल मंडल