जब शादी का प्रस्ताव रखने की बात आती है, तो परंपरा रही है कि हमेशा पुरुष पहला कदम उठाए
जहां पूरी दुनिया के पुरुष अपनी गर्लफ्रेंड्स को प्रपोज करना चाहते हैं वहीं भारतीय पुरुष इसका उल्टा करने में विश्वास रखते हैं। वर्ष 2014 में हुए एक सर्वे के अनुसार भारतीय पुरुष चाहते हैं कि महिलाएं पहले प्रपोज करें। एक वैवाहिक पोर्टल ने रिश्तों के संबंध में पुरुषों की सोच को समझने के लिए देशभर के 25 से 36 आयुवर्ग के 6,500 से अधिक अविवाहित पुरुषों को लेकर एक सर्वेक्षण किया।
सर्वे के दौरान 71.7 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि वे चाहेंगे कि उनकी बजाय महिला उन्हें पहले प्रपोज करें। एक बयान में कहा गया कि सर्वेक्षण में 63.8 प्रतिशत पुरुषों की राय थी कि देश की आधुनिक महिलाएं एक रिश्ते की शुरुआत के लिए पहला कदम स्वयं उठाने को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं। वहीं, उनमें से 36.2 प्रतिशत पुरुषों ने कहा कि उनके लिए यह यकीन करना मुश्किल है कि महिलाएं ऐसी पहल कर सकती हैं, क्योंकि हमेशा पुरुषों की ओर से ही ऐसा करने की परंपरा रही है। किंतु अब सबकुछ बदल रहा है।
आमने-सामने का प्रपोज पसंद
जहां तक सवाल किस तरह प्रपोज करवाना पसंद करेंगे, का है तो 61.2 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने आमने-सामने बातचीत वाले प्रपोजल को चुना। अन्य के लिए डिजिटल संपर्क से किया गया प्रपोज भी स्वीकार्य था। पोर्टल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गौरव रक्षित के अनुसार 'यह सर्वेक्षण आज के युवाओं की मानसिकता को उजागर करता है।
जब शादी का प्रस्ताव रखने की बात आती है, तो परंपरा रही है कि हमेशा पुरुष पहला कदम उठाए, लेकिन यह देखना उत्साहित करता है कि आज अधिकांश पुरुष मानते हैं कि महिलाएं उस परंपरा को बदलने के लिए काफी आश्वस्त हैं। मानसिकता में इस बदलाव के लिए मीडिया का भी बहुत बड़ा योगदान कहा जा सकता है।