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Nirjala Ekadashi 2026: त्रिवेणी योग में इन 5 राशियों को मिल सकते हैं शुभ संकेत, जानें ज्योतिषीय भविष्यफल

Bhimseni Ekadashi 2026: निर्जला एकादशी 2026 पर रवि, शिव और सिद्ध योग का विशेष संयोग बन रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार कुछ राशियों को इस दौरान करियर, धन और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।
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Jun 24, 2026
Nirjala Ekadashi 2026 Date and Time
Nirjala Ekadashi 2026 rashifal : निर्जला एकादशी पर किन राशियों को लाभ होगा (फोटो सोर्स : AI@chatgpt)

Nirjala Ekadashi Rashifal: सनातन धर्म में वैसे तो सालभर में 24 एकादशियां आती हैं, लेकिन इन सबमें ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी को सबसे कठिन और सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। साल 2026 में यह महापर्व 25 जून, गुरुवार को मनाया जाएगा। ज्योतिषविद पंडित प्रमोद शर्मा के अनुसार, इस बार की एकादशी आम नहीं है। गुरुवार का दिन स्वयं जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित है, और इसी दिन एकादशी (Nirjala Ekadashi) का आना एक दुर्लभ और बेहद फलदायी संयोग है।

इस बार सूर्योदय के साथ ही आकाश मंडल में तीन अद्भुत ज्योतिषीय योगों का त्रिवेणी संगम होने जा रहा है। पंचांग के मुताबिक, सुबह 05:25 से शाम 04:29 तक रवि योग रहेगा। इसके साथ ही पहले शिव योग और फिर सुबह 10:53 से देर रात तक सिद्ध योग का प्रभाव रहेगा। इन तीन महायोगों के कारण व्रत और दान का पुण्य हजार गुना बढ़ जाएगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार 5 राशियों को सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।

इन 5 भाग्यशाली राशियों की लिए शुभ संकेत: (Nirjala Ekadashi Lucky Zodiac Signs)

1. मेष राशि (Aries): घर का सपना होगा पूरा

      मेष राशि के जातकों के लिए यह दिन किसी वरदान से कम नहीं है। लंबे समय से चली आ रही आर्थिक तंगी अब छूमंतर होने वाली है। अगर आप खुद का आशियाना (मकान या भूमि) खरीदने का सपना देख रहे थे, तो इस दौरान आपकी यह मुराद पूरी हो सकती है। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों में कुछ राहत महसूस हो सकती है। कार्यक्षेत्र में नए सहकर्मियों के आने से काम की रफ्तार बढ़ेगी और वरिष्ठ अधिकारियों का रवैया आपके प्रति सकारात्मक होगा। बस, अपने स्वभाव में विनम्रता बनाए रखें।

      2. वृषभ राशि (Taurus): फंसा हुआ पैसा लौटेगा वापस

        वृषभ राशि वालों के वैवाहिक जीवन में चल रही अनबन और गलतफहमियां दूर होंगी। परिवार के साथ सुकून के पल बीतेंगे जिससे रिश्तों में मिठास आएगी। सबसे बड़ी खुशखबरी यह है कि कहीं अटका या डूबा हुआ पैसा बिना किसी खास मशक्कत के वापस मिल सकता है। आपकी बौद्धिक क्षमता की लोग तारीफ करेंगे और आपकी सलाह से दूसरों को फायदा होगा। व्यापार में ज्यादा चालाकी दिखाने से बचें और फिलहाल यात्राओं को टाल दें।

        3. मिथुन राशि (Gemini): सेहत में सुधार और बंपर मुनाफा

          मिथुन राशि के जातकों को स्वास्थ्य और करियर दोनों मोर्चों पर बड़ी राहत मिलने वाली है। खासकर आंखों से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को आराम मिलेगा। दफ्तर का रुका हुआ काम समय पर पूरा होने से मानसिक शांति मिलेगी। आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत रहेगी कि आप कोई कीमती या विलासिता की वस्तु खरीद सकते हैं। शिक्षा के क्षेत्र में नए रास्ते खुलेंगे। किसी के बहकावे में आकर फैसला न लें। व्यापार में सामान्य से अधिक मुनाफा होने के योग हैं।

          4. सिंह राशि (Leo) : व्यापार में बूम, तनाव से मुक्ति

            व्यवसाय से जुड़े जातकों के लिए यह समय आत्मविश्वास को सातवें आसमान पर ले जाने वाला है। व्यापार में अप्रत्याशित मुनाफा होने से पुराना कर्ज और मानसिक तनाव खत्म होगा। घर के बुजुर्गों की सेहत में सुधार होगा, बस उनके खान-पान पर थोड़ा ध्यान रखने की जरूरत है।

            5. तुला राशि (Libra): कम मेहनत में बड़ी सफलता

              तुला राशि के जातकों के लिए यह दिन बेहतरीन परिणाम देने वाला रहेगा। आपकी बनाई गई योजनाएं अब रफ्तार पकड़ेंगी। विशेष रूप से इंटीरियर, वुड डिजाइनिंग या रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों को कम मेहनत में भी बड़ा मुनाफा हाथ लग सकता है। हालांकि, आपकी तरक्की देखकर विरोधी सक्रिय हो सकते हैं और ईर्ष्यावश आपको नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए सतर्क रहें। पुराने दोस्तों से मुलाकात मन को नई ऊर्जा से भर देगी।

              निर्जला एकादशी का महत्व और भीमसेनी कनेक्शन

              पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महाभारत काल में जब भीम ने वेदव्यास जी से कहा कि वे भूख बर्दाश्त नहीं कर सकते और साल की सभी एकादशियों का व्रत नहीं रख सकते, तब व्यास जी ने उन्हें केवल ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी का बिना पानी पिए (निर्जला) व्रत रखने की सलाह दी थी। इसी वजह से इसे भीमसेनी एकादशी भी कहा जाता है। माना जाता है कि इस एक व्रत को सच्चे मन से रखने पर सालभर की सभी 24 एकादशियों का पुण्य फल अकेले ही प्राप्त हो जाता है।

              शुभ फल के लिए क्या करें:

              इस दिन भगवान विष्णु को पीले फूल, पंचामृत और तुलसी दल अर्पित करें। चूंकि इस बार गुरुवार का संयोग है, इसलिए केले के पेड़ की पूजा करना और चने की दाल व गुड़ का दान करना सोए हुए भाग्य को जगाने का अचूक उपाय साबित होगा। इस दिन राहगीरों को ठंडा पानी, शरबत या तरबूज खिलाने से पितृदोष से मुक्ति मिल सकती है।

              अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहाँ दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। हम इसकी पूर्ण सटीकता या सफलता की गारंटी नहीं देते हैं। किसी भी उपाय, सलाह या विधि को अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के प्रमाणित विशेषज्ञ या विद्वान से परामर्श अवश्य लें।