धर्म और अध्यात्म

Parama Ekadashi 2026: अधिक मास की आखिरी एकादशी कब है, जानें शुभ मुहूर्त और पारण समय

Worship of Lord Vishnu on Parama Ekadashi: पुरुषोत्तम मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली परमा एकादशी इस बार 11 जून को मनाई जाएगी। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस दिन रवि, सिद्धि, शिव और सर्वार्थसिद्धि जैसे शुभ योगों का दुर्लभ संयोग बन रहा है।

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Jun 09, 2026
Purushottam Maas Ekadashi
Parama Ekadashi 2026 : परमा एकादशी 11 जून को, पुरुषोत्तम मास में बन रहे चार शुभ योग (फोटो सोर्स : AI@chatgpt)

Parama Ekadashi 2026: ज्येष्ठ पुरुषोत्तम मास में आने वाली परमा एकादशी आगामी 11 जून को रहेगी। इस एकादशी पर गुरुवार के साथ ही अधिकमास का भी संयोग रहेगा। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार कई योग का दुर्लभ महासंयोग भी बन रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इन संयोगों में भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना, व्रत, दान और मंत्र जाप से सामान्य दिनों की तुलना में सहस्त्र गुना अधिक पुण्य फल की प्राप्ति की मान्यता है।

परमा एकादशी पर बन रहे हैं चार दुर्लभ योग

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार परमा एकादशी का इस वर्ष का स्वरूप विशेष है। पुरुषोत्तम मास के कृष्ण पक्ष में आने के कारण ही इसे परमा एकादशी कहा जाता है। यह एकादशी हर तीन साल में एक बार आती है। इस वर्ष इस दिन चार बड़े योगों का संयोग बन रहा है।

सर्वार्थसिद्धि : सभी कार्यों में सफलता दिलाने वाला योग।

रवि योग : बाधाओं को दूर कर शुभ फल प्रदान करता है।

सिद्धि योग : नए कार्यों की शुरुआत और आध्यात्मिक उन्नति के लिए श्रेष्ठ।

शिव योग : मान-सम्मान, समृद्धि और आध्यात्मिक लाभ देने वाला।

परमा एकादशी शुभ मुहूर्त

मुहूर्त का नामसमय
शुभ-उत्तम मुहूर्तसुबह 05:23 बजे से 07:07 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्तसुबह 04:02 बजे से 04:42 बजे तक
अभिजीत मुहूर्तसुबह 11:53 बजे से दोपहर 12:49 बजे तक
लाभ-उन्नति मुहूर्तदोपहर 12:21 बजे से 02:05 बजे तक

परमा एकादशी व्रत का पारण शुभ समय

परमा एकादशी व्रत का पारण 12 जून 2026, शुक्रवार के दिन किया जाएगा। पारण का शुभ समय सुबह 05:23 बजे से 08:10 बजे तक रहेगा। श्रद्धालु इस समयावधि के भीतर पारण कर अपने व्रत का समापन करें।

विष्णु भगवान के मंत्र (Lord Vishnu Mantra)

  1. ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
  2. श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारे। हे नाथ नारायण वासुदेवाय।।
  3. ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।।
  4. ॐ विष्णवे नम:
  5. ॐ हूं विष्णवे नम:

ज्योतिषाचार्य पं. दामोदर प्रसाद शर्मा के अनुसार परमा एकादशी अधिक मास की आखिरी एकादशी रहेगी। एकादशी 11 जून की मध्यरात्रि करीब 12:57 बजे से रात 10:36 बजे तक रहेगी। सूर्योदय व्यापिनी तिथि में उपवास की मान्यता के अनुसार श्रद्धालु गुरुवार को ही इसका व्रत रखेंगे। 12 जून को द्वादशी तिथि समाप्त होने से व्रत का पहले पारण कर लिया जाएगा।

इस दिन शहर के प्रमुख विष्णु एवं राधा-कृष्ण मंदिरों में भक्तों की भीड़ जुटेगी। गोविंद देवजी मंदिर, बिड़ला मंदिर व चतुर्भुज मंदिर सहित अन्य मंदिरों में श्रद्धालु भगवान विष्णु को पीले वस्त्र, फूल, तुलसी दल और ऋतु फल अर्पित करेंगे। शाम को महाआरती होगी।