धर्म और अध्यात्म

Premanand Ji Maharaj on Mughals: प्रेमानंद जी महाराज ने मुगलों पर दिया चौंकाने वाला बयान, जानें चरित्र की पवित्रता पर क्या कहा

Affairs After Marriage: आजकल लोग चाहे अपनी पसंद से शादी करें, माता-पिता की पसंद के, परिणाम क्यों नहीं आते अच्छे, इस सवाल के जवाब में प्रेमानंद महाराज ने मुगलों पर जो जवाब दिया, अब वायरल हो गया है। आइये जानते हैं उन्हीं की जुबानी (Premanand Ji Maharaj on Mughals)
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Updated: 21 Jun 2025, 10:54 AM IST
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Premanand Ji MaharaJ: प्रेमानंद महाराज ने दिया मुगलों पर चौंकाने वाला बयान

Premanand Ji Maharaj on Mughals: संत प्रेमानंद समाज की ज्वलंत समस्याओं पर बेबाक बयानी के लिए प्रसिद्ध हैं। वो अक्सर समाज की बुराइयों पर प्रहार करते रहते हैं। ऐसे में जब एक भक्त ने शादी के बाद बिगड़ने वाले रिश्तों पर सवाल पूछा तो मुगल आक्रमण और पवित्रता पर उनका जवाब अब वायरल हो रहा है। आइये जानते हैं प्रेमानंद महाराज ने क्या कह दिया (Statement On affairs After Marriage)

पवित्र नहीं है चरित्र

प्रेमानंद महाराज के अनुसार आजकल बच्चे बच्चियों के चरित्र पवित्र नहीं हैं। जिस तरह से किसी को 4 होटल के खाने की लत जबान को लग गई है। ऐसे व्यक्ति को घर की रसोई का भोजन अच्छा नहीं लगता है।

उसी प्रकार से किसी बच्ची की 4 पुरुष से मिलने की आदत पड़ गई तो एक पति को स्वीकार करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे ही जो बच्चा 4 लड़कियों से व्यभिचार करता है, वह अपनी पत्नी से संतुष्ट नहीं रहेगा। वह 4 व्यभिचार करेगा। क्योंकि उसको लत लग गई है।

कुछ ही कन्याएं ऐसी होंगी जो अपना पवित्र जीवन रखकर किसी पुरुष का साथ निभाती होंगी। वही सच्ची बहू बनेगी। वहीं जो पुरुष 4 लड़कियों से मिल चुका है वह सच्चा पति नहीं बन सकता।

मुगलों ने किया बुरा काम

प्रवचन में प्रेमानंद महाराज ने कहा कि जब मुगलों का देश और हमारे यहां की बेटियों पर आक्रमण हुआ तो लड़कियों ने जान दे दिया पर शरीर को छूने नहीं दिया, लेकिन आज जो हो रहा है चिंता का विषय है। अपने पति के लिए प्राण देने की भावना देश की बेटियों में रही है। अब पतियों के साथ कैसा बुरा व्यवहार हो रहा है।

कोई गलती हो जाए तो भी तो सुधार के प्रयास करना चाहिए

हमारी संस्कृति में पत्नी को प्राण माना गया है। लेकिन ये परंपराएं कहां खो रहीं हैं। आज बच्चे बच्चियां पवित्र नहीं हैं। किसी तरह से पवित्र मिल जाए तो भगवान का वरदान समझो। यदि बचपन में गलती हो गई तो उससे आगे बढ़कर ब्याह होने के बाद तो सुधर जाना चाहिए। यह बड़ा विचित्र समय है।