
सहारनपुर. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सहारनपुर दौरे से एक दिन पहले सड़क पर उतरे व्यापारियों ने प्रदर्शन करते हुए साफ कह दिया है कि वह वोट नहीं करेंगे। व्यापारियों का कहना है कि सहारनपुर में खनन बंद होने से उनका व्यापार चौपट हो गया है। अगर खनन नहीं खुलेगा तो वह वोट नहीं करेंगे। इन व्यापारियों ने किसी पार्टी विशेष को वोट देने से इनकार नहीं किया है, बल्कि इनका यह कहना है कि वह मतदान का बहिष्कार करेंगे। व्यापारियों की इस चेतावनी से हड़कंप मच गया है। कारण यह है कि अगर सहारनपुर के व्यापारी मतदान का बहिष्कार कर देते हैं तो यह चुनाव आयोग के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
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घरों पर लगा दिए हैं नोटिस बोर्ड
सहारनपुर के सीमेंट व्यापारियों ने अपने घर पर भी नोटिस लगा दिए हैं। मेयर प्रत्याशी या फिर पार्षद प्रत्याशी जब इन के घर वोट मांगने पहुंचते हैं तो इनके गेट पर लगे नोटिस दिखा दिए जाते हैं। इन नोटिस पर साफ लिखा है कि खनन नहीं तो वोट नहीं। यानी जब तक खनन नहीं चलता, तब तक यह किसी को वोट नहीं करेंगे।
दिल्ली रोड पर किया प्रदर्शन
सीमेंट व्यापारी एसोसिएशन से जुड़े व्यापारियों ने सोमवार को दिल्ली रोड स्थित मित्तल ट्रेडर्स पर एक बैठक बुलाई है। यहां सीमेंट व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष हर्ष ने कहा कि खनन बंद होने से सीमेंट सरिया और मकान बनाने में काम आने वाले मैटेरियल का व्यापार करने वाले व्यापारी भुखमरी के कगार पर आ गए हैं। व्यापार बिल्कुल खत्म हो चुका है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर खनन पर लगी रोक नहीं हटी और परिवहन शुरू नहीं हुआ तो वह चुनाव का बहिष्कार करेंगे। चेतावनी देने वालों में मुख्य रूप से पंकज मित्तल विवेक शर्मा अचल गोयल सचिन गुप्ता और अरविंद आदि शामिल हैं।
नोटा भी है विकल्प
चुनाव का बहिष्कार करने की चेतावनी दे रहे सीमेंट व्यापारियों के सामने नोटा भी एक बेहतर विकल्प हो सकता है। अगर इन व्यापारियों को मेयर या पार्षद पद के लिए कोई प्रत्याशी इस लायक नहीं लगता कि उसको वोट दिया जाए तो यह व्यापारी नोटा का प्रयोग कर सकते हैं। अगर सीमेंट व्यापारी वर्ग और खनन से जुड़े अन्य व्यापारी नोटा का प्रयोग करते हैं तो निकाय चुनाव के नतीजों पर इसका काफी असर पड़ेगा और समीकरण गड़बड़ा सकते हैं।