सहारनपुर

चेक बाउंस केस में सजा के बाद राजपाल यादव की बढ़ीं मुश्किलें, भाई बोले- बैंक से बातचीत जारी, नीलामी जैसी स्थिति नहीं

Rajpal Yadav Bank Notice: चेक बाउंस केस में सजा के बाद राजपाल यादव की मुश्किलें बढ़ीं। सेंट्रल बैंक ने पैतृक घर पर 16.61 करोड़ की कुर्की नोटिस लगाई, भाई ने कहा बैंक से बातचीत जारी है।
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Aug 06, 2026
Rajpal Yadav
एक्टर राजपाल यादव (सोर्स: IMDb)

Rajpal Yadav Loan Case News: बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। चेक बाउंस मामले में सजा के बाद अब राजपाल यादव की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने शाहजहांपुर स्थित उनके पैतृक घर पर 16.61 करोड़ रुपये के बकाया लोन को लेकर कुर्की नोटिस लगाया है। बैंक ने 34 दिन के अंदर बकाया राशि जमा करने को कहा है। भुगतान नहीं होने पर संपत्ति नीलाम करने की चेतावनी दी गई है। हालांकि, राजपाल यादव के भाई श्रीपाल यादव ने कहा है कि बैंक से बातचीत चल रही है और फिलहाल नीलामी जैसी स्थिति नहीं है।

34 दिन का समय, 9 सितंबर को नीलामी की चेतावनी

शाहजहांपुर के पैतृक गांव कुंडरा स्थित राजपाल यादव के घर पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने कुर्की नोटिस लगाया। बैंक के अनुसार, 34 दिन के भीतर बकाया लोन नहीं चुकाया गया तो 9 सितंबर को संपत्ति की नीलामी की जाएगी। हालांकि, नोटिस लगाए जाने के कुछ देर बाद ही परिवार के लोगों ने उसे हटा दिया।

भाई ने कहा, मामला जल्द सुलझ जाएगा

बैंक की कार्रवाई के बाद राजपाल यादव के बड़े भाई श्रीपाल यादव ने कहा कि यह पुराना मामला है। बैंक से लोन चुकाने को लेकर बातचीत चल रही है। मामला जल्द सुलझा लिया जाएगा। फिलहाल संपत्ति की नीलामी जैसी स्थिति नहीं है। वहीं परिवार के सदस्यों कहना है कि बैंक के साथ बातचीत जारी है और मामले का समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है।

पत्नी और मां के नाम पर लिया था लोन

जानकारी के मुताबिक, राजपाल यादव ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुंबई शाखा से पत्नी राधा यादव और मां गोदावरी के नाम पर 16 करोड़ 61 लाख रुपये का लोन लिया था। इसी लोन की बकाया राशि को लेकर बैंक ने अब कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है।

2 साल पहले भी लगा था नोटिस

सेंट्रल बैंक के प्रबंधक अनुज वर्मा ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब इस मामले में कार्रवाई हुई हो। करीब दो साल पहले भी शाहजहांपुर स्थित पैतृक मकान पर नोटिस चस्पा किया गया था। उस समय बैंक और राजपाल यादव के बीच बकाया राशि चुकाने को लेकर सहमति बनी थी, लेकिन अब फिर से कार्रवाई करनी पड़ी है।

27 दिन पहले मिली थी जेल की सजा

इससे पहले 7 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने चेक बाउंस के सात मामलों में राजपाल यादव को तीन महीने की जेल की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने हर मामले में शिकायतकर्ता को 1.05 करोड़ रुपये देने का आदेश दिया था। कुल राशि 7.35 करोड़ रुपये बनती है। अदालत ने यह भी माना कि राजपाल यादव पहले ही करीब 2 करोड़ रुपये जमा कर चुके हैं। फिलहाल राजपाल यादव जेल से बाहर हैं।

फिल्म से शुरू हुआ विवाद

यह पूरा मामला राजपाल यादव की फिल्म अता पता लापता से जुड़ा है। साल 2010 में उन्होंने इस फिल्म का निर्देशन करने के लिए 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रही और समय पर कर्ज नहीं चुकाया जा सका। इसके बाद चेक बाउंस के कई मामले दर्ज हुए।

अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को दोषी ठहराते हुए छह महीने की सजा सुनाई थी। 2019 में सेशंस कोर्ट ने भी इस फैसले को बरकरार रखा। जून 2024 में हाईकोर्ट ने सजा पर अस्थायी रोक लगाते हुए करीब 9 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया था। रकम जमा नहीं होने पर 2 फरवरी 2026 को सरेंडर का आदेश जारी हुआ। इसके बाद राजपाल यादव ने 5 फरवरी को तिहाड़ जेल में सरेंडर किया और 17 फरवरी को उन्हें अंतरिम जमानत मिल गई।


Updated on:
06 Aug 2026 11:12 am
Published on:
06 Aug 2026 11:12 am