
इमरान मसूद(Photo - IANS)
Milan Pradhan Arrest: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव से पहले राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है। कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को एक पुराने मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद कांग्रेस नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी और राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। यह घटनाक्रम तब सामने आया, जब ममता बनर्जी के गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया और ममता बनर्जीने नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया था। इसके कुछ ही समय बाद मिलन प्रधान की गिरफ्तारी हुई।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने मिलन प्रधान की गिरफ्तारी को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा डरी हुई है और बढ़त हासिल करने के लिए सही या गलत हर तरीका अपना रही है। नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी पर कांग्रेस MP इमरान मसूदने कहा, "वे डरे हुए हैं और बढ़त बनाने के लिए हर मुमकिन तरीका अपना रहे हैं—चाहे सही हो या गलत। उन्होंने चुनाव आयोग को कठपुतली बना दिया है। यह लोकतंत्र बचाने की लड़ाई है, और राहुल गांधी की पहल लोगों को यह समझने में मदद कर रही है। अब, हमें लोकतंत्र और संविधान बचाना होगा। हम यह लड़ाई लड़ेंगे और किसी भी हालत में चुनाव लड़ेंगे; कांग्रेस के सदस्य डरेंगे नहीं।"
मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद पश्चिम बंगाल कांग्रेस प्रभारी प्रकाश जोशी ने भी भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी पर निशाना साधा। जोशी ने कहा कि कांग्रेस ने जैसे ही मिलन प्रधान को नंदीग्राम से मैदान में उतारा, शुभेंदु अधिकारी को उनसे खतरा महसूस होने लगा। जोशी ने कहा कि मिलन प्रधान 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन में एक अहम चेहरा थे। उनके मुताबिक शुभेंदु अधिकारी भी उस आंदोलन से जुड़े रहे थे और वह मिलन प्रधान की ताकत को अच्छी तरह जानते हैं।
प्रकाश जोशी ने दावा किया कि मिलन प्रधान से जुड़े पुराने मामले की परिस्थितियों को भी इसी राजनीतिक संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक चुनाव का परिणाम कुछ भी हो सकता है, इसलिए पुराने मामले को दोबारा सामने लाए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।
जोशी ने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान राजनीतिक बदले की भावना से मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने दावा किया कि उस समय शुभेंदु अधिकारी सत्ताधारी TMC का हिस्सा थे और अपना मामला खत्म करवाने में कामयाब रहे, जबकि मिलन प्रधान को लगा कि उनका मामला भी बंद हो गया है।
जोशी के मुताबिक इसी भरोसे में मिलन प्रधान ने मामले को आगे नहीं बढ़ाया, लेकिन बाद में मामला फिर खुला और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
ममता बनर्जी की ओर से मिलन प्रधान को समर्थन दिए जाने के बाद हुई गिरफ्तारी को लेकर प्रकाश जोशी ने भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि गिरफ्तारी को केवल ममता के समर्थन के बाद की कार्रवाई के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। जोशी ने आरोप लगाया कि शुभेंदु अधिकारी ने यह घटनाक्रम पहले से ही तय किया था, क्योंकि उन्हें मिलन प्रधान के मजबूत उम्मीदवार होने का अंदाजा था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गिरफ्तारी से पहले मिलन प्रधान पर नाम वापस लेने का दबाव बनाया गया और रिश्वत देने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया।
दरअसल, मिलन प्रधान को शुक्रवार शाम गिरफ्तार किया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक उनकी गिरफ्तारी 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े एक पुराने कथित हत्या मामले में हुई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार इस मामले में उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया गया था।
Updated on:
19 Sept 2026 01:43 pm
Published on:
19 Sept 2026 01:35 pm
