सवाई माधोपुर

Rajasthan Accident: माता, पिता और बेटा, जब एक ही चिता पर जलीं तीन अर्थियां, रो पड़ा पूरा गांव, काल बनकर आया था पिकअप

Rajasthan Road Accident News: सवाईमाधोपुर के बरनावदा गांव में सड़क हादसे ने एक ही परिवार की तीन जिंदगियां छीन लीं। एक ही चिता पर अंतिम संस्कार होने से गांव में शोक की लहर फैल गई और हर आंख नम हो उठी।
2 min read
Road accident, Rajasthan road accident, Sawaimadhopur road accident, bike pickup accident, bike pickup accident in Sawaimadhopur, bike pickup accident in Rajasthan, three killed in Sawaimadhopur, father, mother and son died
मृतक हंसराज बैरवा, श्यामा बैरवा और सुनील बैरवा। फाइल फोटो- पत्रिका

सवाईमाधोपुर। एक ही चिता पर तीन अर्थियां जलीं तो परिवार सहित ग्रामीण बिलख पड़े। बरनावदा गांव का माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। रात को जब हंसराज बैरवा, उनकी पत्नी श्यामा और नौ वर्षीय पुत्र सुनील के शव गांव पहुंचे तो हर आंख नम थी और हर दिल दर्द से भरा हुआ था। मजदूरी कर जीवन चलाने वाला यह परिवार सड़क हादसे में उजड़ गया।

गांव के लोग देर रात तक रोते-बिलखते रहे। बूढ़े मां-बाप और बड़ा भाई शवों के पास बैठकर बेसुध हो गए। गांव में मातम पसरा रहा और हर कोई यही कह रहा था कि किस्मत ने एक ही पल में तीन जिंदगियां छीन लीं। मजदूरी करने निकले मां-बाप और छोटे बेटे की सड़क हादसे में मौत हो गई।

11 साल की बेटी बची

एक ही पल में पूरा परिवार उजड़ गया। यह मामला खंडार उपखंड क्षेत्र के बरनावदा गांव का है। अब वहां पूरा घर सूना हो गया। हादसे ने न केवल बूढ़े मां-बाप और बड़े बेटे को गहरे दुख में डाल दिया, बल्कि पूरे गांव को भी सदमे में डाल दिया है। इस त्रासदी में केवल 11 वर्षीय निशा बची है, जो गर्मी की छुट्टियों में नाना के घर रेड़ावत गई हुई थी।

बेटे ने घटनास्थल पर तोड़ा दम

मजदूरी करने निकले हंसराज बैरवा, उनकी पत्नी श्यामा बैरवा और नौ वर्षीय पुत्र सुनील बैरवा की जयपुर रिंग रोड, सीतारामपुरा सर्विस रोड पर पिकअप से टक्कर में मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि सुनील की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि माता-पिता ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर तेज रफ्तार के कारण हुई, जिससे तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए।

घर का चिराग भी बुझा

इस हादसे ने बरनावदा गांव को गहरे सदमे में डाल दिया। घर का चिराग बुझ गया। माता-पिता और छोटे बेटे की मौत से परिवार पूरी तरह उजड़ गया। केवल 11 वर्षीय निशा बची है, जो गर्मी की छुट्टियों में नाना के घर रेड़ावत गई हुई थी। उसकी मासूम जिंदगी पर अब दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बिना माता-पिता के उसके भविष्य को लेकर परिजन और ग्रामीण चिंतित हैं।

घटना के बाद गांव में पसरा मातम

गांव में चारों ओर शोक का माहौल है। अंतिम संस्कार के समय बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। बूढ़े मां-बाप और बड़ा भाई अब अकेले रह गए हैं। परिवार में कमाने वाला कोई नहीं बचा। ग्रामीणों का कहना है कि पिकअप की टक्कर ने एक ही पल में तीन जिंदगियां छीन लीं और एक मासूम को अकेला कर दिया, जिससे पूरे गांव में गहरा दुख और आक्रोश है।

Updated on:
01 Apr 2026 06:55 pm
Published on:
01 Apr 2026 05:40 pm