भीषण गर्मी के बीच सीकर के कल्याण अस्पताल में प्रभारी मंत्री संजय शर्मा ने औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत परखी। मरीजों से सीधे हालचाल पूछा, आईसीयू से ओपीडी तक व्यवस्थाएं देखीं और सरकारी गाड़ी में एसी चलाकर बैठे पुलिसकर्मी को जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाते हुए फटकार भी लगाई।
सीकर। भीषण गर्मी के बीच अस्पतालों की व्यवस्थाओं को लेकर उठ रहे सवालों के बीच बुधवार को प्रभारी मंत्री संजय शर्मा ने सीकर के कल्याण अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मरीजों व उनके परिजनों से सीधे संवाद कर सुविधाओं की वास्तविक स्थिति जानने का प्रयास किया। वहीं मंत्री ने अधिकारियों को कई व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक निर्देश दिए।
प्रभारी मंत्री ने अस्पताल के आईसीयू, ट्रॉमा सेंटर, रामाश्रय वार्ड, मेल मेडिकल वार्ड, साइकेट्री वार्ड और ओपीडी सहित कई विभागों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मरीजों से उपचार, दवाइयों की उपलब्धता, चिकित्सकों की उपस्थिति और अस्पताल की सुविधाओं को लेकर जानकारी ली। मेल मेडिकल वार्ड में भर्ती एक बुजुर्ग मरीज से उन्होंने बातचीत करते हुए पूछा, 'बाबाजी, अस्पताल की व्यवस्था कैसी है?' इस पर मरीज ने समय पर डॉक्टरों के आने और दवाइयां मिलने की बात कही।
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था और कूलिंग सिस्टम का भी जायजा लिया। कुछ स्थानों पर सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिलने पर उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। वहीं ओपीडी में मरीजों की लंबी कतारें देखकर उन्होंने व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को अधिक इंतजार न करना पड़े।
आईसीयू में भर्ती मरीजों के परिजनों से भी मंत्री ने बातचीत की और उपचार की गुणवत्ता तथा दवाइयों की उपलब्धता के बारे में फीडबैक लिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गर्मी के मौसम में अस्पताल आने वाले मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित रहनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान एक अलग ही दृश्य देखने को मिला। अस्पताल परिसर में एक पुलिसकर्मी सरकारी वाहन को स्टार्ट कर एयर कंडीशनर चलाकर बैठा हुआ था। इस पर प्रभारी मंत्री नाराज हो गए और उन्होंने पुलिसकर्मी को फटकार लगाई। मंत्री ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक ईंधन की बचत और खपत कम करने की बात करते हैं, तब जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि बाहर मरीज और उनके परिजन गर्मी से परेशान हैं और सरकारी संसाधनों का इस तरह उपयोग उचित नहीं है। इस दौरान धोद विधायक गोरधन वर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर रतन कुमार और अस्पताल प्रशासन के कई अधिकारी भी मौजूद रहे।