Motivational Story: कहते है न 'हर सफल आदमी के पीछे औरत का हाथ होता है।' ये ही वाक्य राजेंद्र सिंह की पत्नी ने सच कर दिखाया।
Real life Inspirational Story: कहते है न 'हर सफल आदमी के पीछे औरत का हाथ होता है।' ये ही वाक्य राजेंद्र सिंह की पत्नी ने सच कर दिखाया। दरअसल राजस्थान के सीकर जिले में लक्ष्मणगढ़ के रहने वाले राजेंद्र सिंह ने 51 साल की उम्र में सरकारी नौकरी हासिल की। इस उम्र में सरकारी नौकरी लगकर राजेंद्र सिंह ने साबित कर दिया की सफलता प्राप्त करने की कोई उम्र नहीं होती। वे पहले भारतीय सेना में फौजी रहे फिर बैंक में सुरक्षाकर्मी और अब बैंक में बाबू बन गए।
राजेंद्र सिंह के परिवार में 5 लोग भारतीय सेना में भर्ती है। पहले पिता, फिर तीन भाई और अब एक बेटा फौज में गया है। खुद राजेंद्र सिंह ने भारतीय सेना में 18 साल की नौकरी पूरी करके वीआरएस ले लिया। भारतीय सेना से वीआरएस लेने के बाद साल 2014 में SBI लक्ष्मणगढ़ में सुरक्षा गार्ड की नौकरी लगी। अब बैंक में लिपिक पद पर अलवर और सीकर जोन में प्रथम और ऑल राजस्थान स्तर पर चौथी रैंक भी प्राप्त की।
राजेंद्र सिंह बताते हैं कि फौज में नौकरी करने के बाद लोग अक्सर घर पर रहकर आराम करना पसंद करते हैं, लेकिन मेरी पत्नी अमृता देवी ने मुझे आराम करने की जगह कुछ अलग करने के लिए मोटिवेट किया और मैंने 51 साल की उम्र में सरकारी नौकरी पा ली। इसके साथ ही आरकेसीएल और फिर एसबीआई की ओर कर्मचारियों के लिए आयोजित परीक्षा शानदार अंकों से पास की। इसका पूरा श्रेय उन्होंने पत्नी को दिया था।
राजेंद्र सिंह साल 1991 में भारतीय सेना में जवान के पद पर नियुक्त हुए थे। सेना में 18 साल नौकरी के बाद 2009 में हलवदार पद से वीआरएस ले लिया। साल 2014 में एसबीआई में गार्ड बने। इसी साल 28 मार्च को आयोजित बैंक लिपिक परीक्षा में भाग लिया। 30 अप्रैल को रिजल्ट आया। राजेंद्र सिंह के दो बेटे हैं। बड़ा बेटा नितेश बीएसएफ में सिपाही हैं। छोटा बेटा कार्तिक बीएससी नर्सिंग कर रहा है।