सिरोही

आखिर और कितना दर्द सहेगा सिरोही का महेंद्र? जोधपुर रेफर होने के बाद भी मानसिक रोगी को नहीं किया भर्ती, सिस्टम ने तोड़ी आस

Sirohi Mahendra Story: 13 साल से मानसिक बीमारी से जूझ रहे सिरोही जिले के महेंद्र राणा को इलाज के लिए जोधपुर रेफर किया गया। लेकिन वहां भर्ती नहीं मिलने से परिवार निराश लौट आया। परिजनों का आरोप है कि वे अस्पतालों के चक्कर लगाते रहे, फिर भी समुचित इलाज नहीं मिला। चिकित्सा विभाग ने मामले की जांच और दोबारा रेफर की बात कही है।

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Jun 18, 2026
Mahendra Kumar Rana
इलाज नहीं होने पर घर आया महेंद्र (पत्रिका फोटो)

Sirohi Mahendra Mental illness: नागाणी (सिरोही): सनवाड़ा गांव निवासी मानसिक रोगी महेंद्र कुमार राणा के परिवार में 13 वर्षों बाद इलाज की उम्मीद जगी थी, लेकिन चिकित्सा विभाग की अनदेखी ने उनकी सारी आस तोड़ दी। मानसिक बीमारी से जूझ रहे महेंद्र को विभागीय अधिकारियों ने उपचार के लिए जोधपुर रेफर किया, मगर वहां समुचित इलाज और भर्ती नहीं मिलने से परिवार मायूस होकर लौट आया।

बता दें कि महेंद्र कुमार राणा पिछले करीब 13 वर्षों से मानसिक बीमारी से पीड़ित हैं। आर्थिक तंगी और लंबे समय से चल रही बीमारी के कारण परिवार नियमित इलाज नहीं करा पा रहा था। राजस्थान पत्रिका में खबर प्रकाशित होने पर चिकित्सा विभाग ने संज्ञान लेते हुए एंबुलेंस से उन्हें जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल भेजा था। परिवार को उम्मीद थी कि वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में महेंद्र का उपचार शुरू होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

रात 12 बजे सिरोही के सरकारी अस्पताल पहुंचे

मंगलवार रात करीब 12 बजे परिजन महेंद्र को लेकर सिरोही के सरकारी अस्पताल पहुंचे, जहां अस्पताल स्टाफ ने उन्हें रुकने और सुबह चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी कराने की सलाह दी। इसी दौरान महेंद्र अस्पताल परिसर से कहीं चला गया। जब पिता की नींद खुली तो वह वहां नहीं मिला। काफी तलाश के बाद महेंद्र बस स्टैंड के पास मिला। इस घटना के बाद परिवार निराश हो गया और वापस गांव लौट आए।

पूरे दिन अस्पताल परिसर में भटकते रहे

महेंद्र के पिता रमेश कुमार राणा ने बताया कि वे बड़ी उम्मीद लेकर जोधपुर पहुंचे, लेकिन अस्पताल में उन्हें स्पष्ट जानकारी तक नहीं मिली। पूरा दिन अस्पताल में भटकते रहे और रात भी वहीं गुजारनी पड़ी। उनका आरोप है कि किसी ने उनकी समस्या को गंभीरता से नहीं सुना। बाद में केवल एक इंजेक्शन और सात दिन की दवा देकर वापस भेज दिया।

इन्होंने कहा…

मानसिक बीमारी से जूझ रहे महेंद्र को उपचार के लिए जोधपुर रेफर किया गया था, लेकिन वहां समुचित इलाज और भर्ती नहीं मिलने से परिवार मायूस होकर लौट आया। गरीबों का कोई नहीं है। हम दो दिन तक भूखे-प्यासे अस्पतालों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन किसी ने हमारी समस्या नहीं सुनी।
-रमेश कुमार, पिता

यह सरकार की लापरवाही और चिकित्सा विभाग की नाकामी है। जब महेंद्र कुमार भील को जोधपुर रेफर किया तो बिना समुचित इलाज के वापस भेजना मानवता के खिलाफ है। सरकार और चिकित्सा विभाग को तुरंत महेंद्र का इलाज सुनिश्चित करना चाहिए। परिवार पिछले 13 वर्षों से इस समस्या से जूझ रहा है।
-मोतीराम कोली, विधायक रेवदर

यह मामला अभी मेरी जानकारी में नहीं आया है। सिरोही जिला अस्पताल में मानसिक रोगियों के लिए अलग वार्ड की सुविधा नहीं है। जोधपुर अस्पताल प्रशासन से जानकारी लेकर वहां जगह उपलब्ध होते ही मरीज को पुनः रेफर किया जाएगा।
-डॉ. विरेंद्र महात्मा, पीएमओ, जिला अस्पताल सिरोही

जैसे ही मामला सामने आया, हमने महेंद्र के उपचार के लिए उसके घर एम्बुलेंस भेजी। महेंद्र और उसके परिजनों को साथ बैठाकर जोधपुर रेफर किया था। वहां उपचार क्यों नहीं मिला, इसकी जानकारी संबंधित अस्पताल प्रशासन ही दे सकता है।
-डॉ. दिनेश खराड़ी, सीएमएचओ, सिरोही

Published on:
18 Jun 2026 12:08 pm