
India First Gold Medal at CWG 2026: रविवार को ओलंपिक मेडलिस्ट मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार तीसरा गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। महिलाओं के 48 किलोग्राम भारवर्ग में उन्होंने 190 किलोग्राम वजन उठाया और सबसे आगे रहीं। जीत के बाद वह पोडियम पर अपने खुशी के आसुओं को नहीं रोक पाईं। अपनी जीत का श्रेय उन्होंने परिवार के अटूट समर्थन को दिया और ये भी बताया कि इस बार वह पूरी ताकत लगाने वाली नहीं थी लेकिन पहले प्रयास में फेल हो जाने के बाद उन्हें ऐसा करना पड़ा।
2018, 2022 और अब 2026 के कॉमनवेल्थ गेम्स की गोल्ड मेडलिस्ट ने कहा, "शुरुआत से ही, ऐसी कई चीजें हैं जिनके लिए हमें कड़ी मेहनत करने और फोकस बनाए रखने की जरूरत होती है - चाहे वह गेम्स हों या कोई चैंपियनशिप - कि हमें कैसा प्रदर्शन करना है और उस प्रदर्शन को कैसे बनाए रखना है। हम इन गेम्स में इतनी ज्यादा कोशिश नहीं करने वाले थे, लेकिन मेरा पहला प्रयास मेरी अपनी गलती की वजह से असफल रहा।
मीराबाई चानू ने आगे कहा, "इसके बाद हमने सोचा कि अब पूरी ताकत झोंकनी होगी। साथ ही हमें यह भी देखना था कि ट्रेनिंग में क्या हो रहा है और किन पहलुओं में अभी और सुधार की जरूरत है। मेरे लिए यह प्रदर्शन बहुत अहम है, क्योंकि मैंने लंबे समय तक अपने शरीर का वजन नियंत्रित रखा है। अपने वजन को 48 किलोग्राम वर्ग तक लाना मेरे लिए बेहद मुश्किल रहा है।"
31 वर्षीय वेटलिफ्टर ने 82 किलोग्राम स्नैच के अपने पहले प्रयास में फेल हो गईं, लेकिन मीराबाई अपने दूसरे प्रयास में उस वजन को उठाने में सफल रहीं और फिर अपने आखिरी प्रयास में 85 किलोग्राम वजन उठाया, जिससे उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में स्नैच के लिए नए रिकॉर्ड बनाए।
इसके बाद उन्होंने 'क्लीन एंड जर्क' में बाकी वेटलिफ्टर के मुकाबले आठ किलोग्राम ज्यादा वजन उठाया। भले ही वह अपनी पहली कोशिश में बार नहीं उठा सकीं, लेकिन भारतीय स्टार ने अपनी दूसरी कोशिश में 105 किलोग्राम वजन उठाकर इसकी भरपाई की और आसानी से गोल्ड मेडल जीत लिया। इस तरह मीराबाई ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय एथलीट बन गईं। इससे पहले उन्होंने गोल्ड कोस्ट 2018 और बर्मिंघम 2022 गेम्स में भी गोल्ड मेडल जीतकर अपने नाम किया था।
पोडियम पर जब भारत का राष्ट्रगान बजा, तो चानू अपने आंसू रोक नहीं सकीं। उन्होंने कहा, "जब हमारा राष्ट्रगान गाया जाता है, जब हम उसे सुनते हैं, तो अपने आप आंसू निकल आते हैं। ये खुशी के आंसू होते हैं, क्योंकि मैंने भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता था।" नाइजीरिया की सिल्वर मेडलिस्ट रूथ असुकुओ न्योंग कुल 168 किग्रा वजन (75 स्नैच और 93 क्लीन एंड जर्क) उठाकर दूसरे स्थान पर रहीं, तो मलेशिया की आइरीन हेनरी ने कुल 167 किग्रा (77 स्नैच और 90 क्लीन एंड जर्क) ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।