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दूसरी बार नीरज चोपड़ा का सपना तोड़ने वाले कौन हैं रुमेश पथिरागे? जिसे एक सलाह ने क्रिकेटर से बना दिया जेवलिन थ्रोअर

CWG 2026: श्रीलंका के युवा स्टार रुमेश पथिरागे ने ग्लासगो में 89.75 मीटर के थ्रो के साथ जेवलिन थ्रो का गोल्ड मेडल जीता। भारत के नीरज चोपड़ा को 85.83 मीटर थ्रो के साथ सिल्वर, जबकि यशवीर सिंह को ब्रॉन्ज मेडल मिला।
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Aug 01, 2026
Rumesh Pathirage javelin throw gold CWG 2026
रुमेश पथिरागे (फोटो- Glasgow 2026 X)

Rumesh Pathirage Javelin Thrower Story: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में जेवलिन थ्रो के फाइनल में रुमेश पथिरागे ने दुनिया के दिग्गजों को पछाड़कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। भारत के नीरज चोपड़ा दूसरे स्थान पर रहे, तो भारत के ही यशवीर सिंह को कांस्य पदक मिला। यह दूसरा मौका है जब रुमेश पथिरागे ने नीरज चोपड़ा का स्वर्ण पदक जीतने का सपना तोड़ा है। इससे पहले रोम डायमंड लीग में भी उन्होंने 92.62 मीटर का थ्रो कर दुनिया को हैरान करते हुए पहला स्थान हासिल किया था।

डायमंड लीग में भी निकले थे सबसे आगे

रुमेश पथिरागे यहीं नहीं रुके, दोहा डायमंड लीग और ऑस्ट्रियन गोल्डन स्पाइक में भी उन्होंने पहला स्थान हासिल किया। ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स के जेवलिन थ्रो के फाइनल में भी इस युवा स्टार को रोकना हर किसी के लिए मुश्किल रहा। अरशद नदीम, नीरज चोपड़ा और एंडरसन पीटर्स जैसे दिग्गजों के होते हुए रुमेश पथिरागे ने गोल्ड मेडल पर कब्जा कर लिया। रुमेश ने 89.75 मीटर का थ्रो किया, तो नीरज चोपड़ा ने 85.83 मीटर का थ्रो किया, जबकि यशवीर सिंह ने 85.41 मीटर का थ्रो कर ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया।

जेवलिन स्टार से पहले खेलते थे क्रिकेटर

आपको जानकर हैरानी होगी कि जेवलिन थ्रोअर बनने से पहले रुमेश श्रीलंका की नेशनल टीम के लिए क्रिकेट खेलने का सपना देखते थे। अंडर-18 लेवल तक वह तेज गेंदबाजी करते थे और एक समय वह श्रीलंका के युवा तेज गेंदबाजों में दूसरे सबसे तेज गेंदबाज थे। उनसे आगे सिर्फ ईशारा मलिंगा थे, जो श्रीलंका और सनराइजर्स हैदराबाद के लिए क्रिकेट खेलते हैं। लेकिन पिता की सलाह के बाद रुमेश ने क्रिकेट छोड़कर डिस्कस थ्रो करना शुरू किया और उसके बाद उनका ध्यान जेवलिन थ्रो पर गया।

2012 में अपने खेल करियर की शुरुआत में रमेश ने क्रिकेट खेलना शुरू किया था और तेज गेंदबाजी करते थे। उनके पिता एक डिस्कस थ्रोअर और शॉटपुट थ्रोअर थे। उन्हीं की सलाह के बाद पथिरागे ने प्रैक्टिस में डिस्कस थ्रो करना शुरू किया और 2017 से उन्होंने जेवलिन थ्रो करना शुरू किया।

अगला सपना ओलंपिक में गोल्ड

पथिरागे की अगली नजर लॉस एंजिल्स ओलंपिक में मेडल जीतने पर है। इससे पहले पेरिस ओलंपिक 2024 में वह क्वालिफिकेशन हासिल नहीं कर पाए थे और सिर्फ 5 सेंटीमीटर से चूक गए थे। हालांकि, इस बार उन्हें उम्मीद है कि वह कहानी बदलने में सफल रहेंगे। आपको बता दें कि श्रीलंका ने ऐसे आठ एथलीट चुने हैं जिन्हें लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक गेम्स के लिए तैयारी कराई जा रही है, जिनमें पथिरागे का नाम भी शामिल है। उनका सपना है कि वह लॉस एंजिल्स ओलंपिक में श्रीलंका के लिए पहला गोल्ड मेडल जीतें।

Updated on:
01 Aug 2026 12:34 pm
Published on:
01 Aug 2026 12:34 pm