
श्रीगंगानगर। जिले के अनूपगढ़ कस्बे में सोमवार को एक दर्दनाक हादसे में करंट लगने से मां और उसकी मासूम बेटी की मौत हो गई। घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। पुलिस के अनुसार हादसा घर में पानी गर्म करने के दौरान हुआ, जब एक छोटी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो गई।
जानकारी के अनुसार 34 वर्षीय सरोज अपने घर में बाल्टी में इलेक्ट्रिक रॉड लगाकर पानी गर्म कर रही थीं। उसी समय उनकी तीन साल की बेटी दिव्यांशी पास में खेल रही थी। खेलते-खेलते बच्ची अचानक बाल्टी के पास पहुंची और उसने पानी में हाथ डाल दिया। जैसे ही उसने हाथ डाला, उसे जोरदार करंट लग गया और वह चीख उठी।
बेटी की आवाज सुनकर सरोज घबरा गईं और उसे बचाने के लिए तुरंत दौड़ीं। उन्होंने बिना सोचे-समझे बच्ची को पकड़ लिया, लेकिन इस दौरान वे खुद भी करंट की चपेट में आ गईं। कुछ ही क्षणों में दोनों बेहोश होकर गिर पड़ीं। घर से चीख-पुकार की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे।
पड़ोसियों ने स्थिति को समझते हुए तुरंत बिजली से जुड़े उपकरण को हटाया और मां-बेटी को संभालने की कोशिश की। इसके बाद दोनों को आनन-फानन में अनूपगढ़ के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। हालांकि वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जानकारी जुटाई।
महिला के पति विजय कुमार की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिए।
विजय कुमार ने बताया कि वह सुबह काम पर चले गए थे। घर पर उस समय उनकी पत्नी, तीन वर्षीय बेटी और आठ महीने की एक अन्य बच्ची मौजूद थी। उनकी दो बड़ी बेटियां दादी के पास करणपुर गई हुई थीं। हादसे की सूचना उन्हें पड़ोसियों ने फोन पर दी। यह हादसा घरों में उपयोग होने वाले बिजली उपकरणों के प्रति सावधानी बरतने की गंभीर चेतावनी भी है, खासकर जब छोटे बच्चे आसपास मौजूद हों।