CG News: ग्रामीण और सुरक्षा बलों के बीच आपसी भरोसा कायम हुआ है। यह नक्सलवाद खत्म करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
CG News: सुकमा जिले के अति नक्सल प्रभावित इलाकों में पहली बार राष्ट्रीय ध्वज पूरे गौरव और शान के साथ फहराया गया। वर्षों से नक्सलियों के फरमान के चलते जहां ध्वजारोहण करना संभव नहीं था, वहां सुरक्षा बलों के कैंप स्थापित होने के बाद स्वतंत्रता दिवस का पर्व अभूतपूर्व उत्साह के साथ मनाया गया।
जिले के रायगुड़ेम, तूमालपाड़, गोलागुड़ा, गोंमगुड़ा, मेट्टागुड़ा, उसकावाया और नुलकातोंग इन 7 गांवों में पहली बार 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण किया गया। इस ऐतिहासिक पल के साक्षी ग्रामीण भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। ग्रामीणों ने सुरक्षा बलों के साथ मिलकर तिरंगे को सलामी दी और आज़ादी के जश्न में शामिल हुए।
बीते वर्षों तक इन इलाकों में नक्सलियों का दबदबा इतना था कि ग्रामीण चाहकर भी तिरंगा नहीं फहरा सकते थे। लेकिन लगातार सुरक्षा बलों के कैंप खुलने और उनकी मौजूदगी से अब हालात बदल गए हैं। भय का वातावरण खत्म हो चुका है और ग्रामीण सुरक्षा बलों के साथ कदम से कदम मिलाकर विकास की ओर बढ़ रहे हैं।
एसपी किरण चव्हाण ने बताया कि जिले के अति नक्सल प्रभावित इन इलाकों में ‘‘कैंप खुलने के बाद नियद-नेल्लानार योजना के तहत सड़कों, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं यहां तेजी से पहुंचाई जा रही हैं। ग्रामीण और सुरक्षा बलों के बीच आपसी भरोसा कायम हुआ है। यह नक्सलवाद खत्म करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
CG News: किरण चव्हाण, एसपी: ‘‘इन कोर नक्सल प्रभावित इलाकों में पहले फोर्स का पहुंचना भी असंभव था, लेकिन अब सुरक्षा कैंप स्थापित होने से यह इलाका बदल रहा है। स्वतंत्रता दिवस पर इन गांवों में पहली बार ध्वजारोहण हुआ, जो क्षेत्र में शांति और विश्वास की नई शुरुआत है।