
बिश्रामपुर। गांव-गांव घूमकर चूड़ी बेचने और सोने-चांदी के जेवर साफ करने का झांसा देकर महिलाओं को निशाना बनाने वाले एक शातिर गिरोह का विश्रामपुर पुलिस ने पर्दाफाश (Fraud Women busted) किया है। पुलिस ने 4 महिलाओं को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से असली सोने के मोहर, नकली मोहर बनाने की डाई, इलेक्ट्रॉनिक तराजू समेत करीब 1.70 लाख रुपए का सामान बरामद किया है। मामला उस समय सामने आया जब एक वृद्ध महिला ने अपनी सोने की मोहर माला साफ कराने के बाद उसमें नकली मोहर लगाए जाने की शिकायत थाना विश्रामपुर में दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और आखिरकार चारों आरोपी महिलाओं को धर दबोचा है।
सूरजपुर जिले के बिश्रामपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत कुरुवां निवासी 52 वर्षीय रामकली राजवाड़े पति रोहित राजवाड़े ने पुलिस को बताया कि 3 जून की दोपहर वह अपनी बहू राधिका राजवाड़े के घर गई हुई थी। इसी दौरान 4 महिलाएं (4 Fraud Women) वहां पहुंचीं और खुद को चूड़ी बेचने तथा माला गूंथने का काम करने वाली बताने लगीं।
महिलाओं ने अपना नाम 19 वर्षीय प्रमिला गिरी पति विष्णु गिरी निवासी ससकालो दरिमा, 20 वर्षीय मीरा गिरी पति देवराज निवासी करेंया दरिमा, 45 वर्षीय बिंदिया गिरी पति शिवा गिरी निवासी करेंया दरिमा और 25 वर्षीय राजकुमारी गिरी पति रघुराज गिरी निवासी ससकालो दरिमा क्षेत्र की निवासी होने की जानकारी दी।
बातचीत के दौरान उन्होंने पीडि़ता रामकली राजवाड़े की पुरानी सोने की मोहर माला को साफ करने और दोबारा गूंथने की बात कही। भरोसे में आकर पीडि़ता ने अपनी माला उन्हें सौंप दी। इसी बीच आरोपियों ने पीने के लिए पानी मांगा और मौका पाकर असली सोने की मोहरों को निकालकर उनकी जगह नकली पीतल के मोहर लगा दिए। माला वापस पहनाकर उन्होंने मेहनताना स्वरूप चावल लिए और वहां से रवाना हो गईं।
शाम को जब पीडि़ता की रिश्तेदार अवधी राजवाड़े घर पहुंची तो उसने माला देखकर संदेह जताया। इसके बाद पीडि़ता सूरजपुर स्थित एक सर्राफा दुकान पहुंची, जहां जांच में पता चला कि माला में लगे मोहर सोने के नहीं बल्कि पीतल के हैं। सच्चाई सामने आते ही पीडि़ता ने थाना विश्रामपुर पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
इसके बाद पुलिस ने आसपास के गांवों में मुखबिर तैनात किए। सूचना मिली कि 4 संदिग्ध महिलाएं रामनगर रोड स्थित पासिंग नाला की ओर जाती देखीं गर्इं हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और चारों महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
शुरुआती पूछताछ में आरोपी महिलाएं गोलमोल जवाब देती रहीं, लेकिन पुलिस की सख्त पूछताछ के आगे उनकी चालाकी ज्यादा देर नहीं चल सकी। अंतत: चारों ने स्वीकार कर लिया कि उन्होंने सोने की माला (Gold Chain) साफ करने का झांसा देकर असली मोहर बदलकर नकली मोहर लगा दिए थे।
मामले में पुलिस ने चारों आरोपी महिलाओं के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 (4) व 8 (5) के तहत कार्रवाई कर उन्हें जेल भेज दिया है। कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रकाश राठौर, उपनिरीक्षक अशोक साहू, नंदलाल सिंह, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक रंजना, पवन कुमार झा, प्रधान आरक्षक जयप्रकाश तिवारी, निलेन्द्र द्विवेदी, महिला प्रधान आरक्षक जोशी टोप्पो तथा आरक्षक संजीव राजवाड़े सक्रिय रहे।
पुलिस ने महिलाओं (Fraud women in Bishrampur) के कब्जे से 2 असली सोने के मोहर, नकली मोहर बनाने की 8 डाई, सोने जैसे दिखने वाले 10 नकली मोहर, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, कटर ब्लेड, रेती, कैंची सहित अन्य उपकरण बरामद किए हैं। जब्त सामग्री की कीमत लगभग 1.70 लाख रुपए बताई जा रही है।