Surajpur hospital: जिला अस्पतालों की श्रेणी में रहा अव्वल, मूल्यांकन में सूरजपुर जिला अस्पताल में मिले 94.9 प्रतिशत अंक
सूरजपुर। कायाकल्प-स्वच्छ अस्पताल योजना 2024-25 के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं, जिसमें सूरजपुर जिला अस्पताल ने पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में प्रथम स्थान (Surajpur hospital) प्राप्त कर जिले को गौरवान्वित किया है। राज्य भर के सभी जिला अस्पतालों के बीच हुए इस मूल्यांकन में सूरजपुर जिला अस्पताल ने 94.9 प्रतिशत अंक अर्जित कर शीर्ष स्थान हासिल किया है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के तहत सूरजपुर जिला अस्पताल को प्रदेश के सबसे स्वच्छ, सुव्यवस्थित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाले जिला अस्पताल के रूप में सम्मानित किया गया है। उल्लेखनीय है कि इस क्रम में बलौदा बाजार जिला अस्पताल 94 प्रतिशत अंक के साथ द्वितीय स्थान पर रहा।
भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित कायाकल्प योजना (Surajpur hospital) का उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता एवं साफ-सफाई, संक्रमण नियंत्रण, अस्पताल संरचना व रख-रखाव, जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन, रोगी-मित्र सेवाओं को उच्च मानकों तक पहुंचाना है।
इस योजना के अंतर्गत अस्पतालों का मूल्यांकन निर्धारित मापदंडों पर किया जाता है, जिससे मरीजों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार वातावरण उपलब्ध हो सके। सूरजपुर जिला अस्पताल (Surajpur hospital) की यह उपलब्धि सामूहिक प्रयास, बेहतर प्रबंधन और निरंतर निगरानी का प्रतिफल है।
इस सफलता पर जिला कलेक्टर एस. जयवर्धन ने अस्पताल प्रबंधन एवं समस्त स्वास्थ्य कर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की प्रतिबद्धता और पारदर्शी कार्यप्रणाली को दर्शाती है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कपिल देव पैकरा, सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. अजय मरकाम एवं अस्पताल सलाहकार निलेश गुप्ता के नेतृत्व, सतत मार्गदर्शन और निगरानी में अस्पताल ने स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण एवं सेवा गुणवत्ता के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार (Surajpur hospital) किया। आगे भी गुणवत्ता का संकल्प लेकर काम करेंगे।
अस्पताल प्रशासन (Surajpur hospital) ने बताया कि भविष्य में भी कायाकल्प के मानकों को बनाए रखते हुए मरीजों को बेहतर, सुरक्षित और मानवीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने का प्रयास जारी रहेगा। सूरजपुर जिला अस्पताल की यह उपलब्धि न केवल जिले बल्कि पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत है।