
विश्रामपुर। जयनगर सहकारी समिति में सामने आए खाद घोटाले (Fertilizer scam) की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। जयनगर समिति प्रबंधक श्यामलाल प्रजापति के निलंबन और समिति अध्यक्ष से बोर्ड की शक्तियां वापस लेने के बाद अब कार्रवाई की आंच छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) के डबल लॉक खाद गोदाम विश्रामपुर तक पहुंच गई है। जिला सहकारी विपणन संघ गोदाम के प्रभारी एवं क्षेत्र सहायक लिवेन खेस्स को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं को-ऑपरेटिव बैंक के सीईओ ने बिश्रामपुर बैंक के पूर्व प्रबंधकों को मामले की अनदेखी करने मिलीभगत की आशंका पर नोटिस जारी किया है।
मार्कफेड मुख्यालय नवा रायपुर द्वारा 27 जुलाई 2026 को जारी आदेश के अनुसार डबल लॉक खाद गोदाम में रासायनिक उर्वरकों के भौतिक सत्यापन के दौरान ऑनलाइन रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर पाया गया। जांच में खाद के भंडारण और वितरण में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर सेवा नियम 2007 के तहत यह कार्रवाई की गई।
आदेश के मुताबिक भौतिक सत्यापन में वास्तविक खाद का स्टॉक ऑनलाइन दर्ज मात्रा से काफी कम मिला। इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही और कर्तव्यों के प्रति उदासीनता मानते हुए गोदाम प्रभारी को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला कार्यालय जशपुर निर्धारित किया गया है तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
जयनगर समिति प्रबंधक द्वारा खरीफ वर्ष में किसानों को खाद उपलब्ध न करा उन्हें रोज समिति का चक्कर लगवाया जा रहा था, जिसकी शिकायत किसानों ने कलेक्टर से की। कलेक्टर (Surajpur Collector) के निर्देश पर पखवाड़े भर पूर्व समिति की जांच कराई गई, जिसमें करीब 40 लाख से ऊपर का उर्वरक भौतिक सत्यापन में शॉर्ट मिला। इसके बाद समिति प्रबंधक को निलंबित कर अध्यक्ष से बोर्ड की शक्तियां वापस ले ली गई हैं।
बताया जा रहा है कि पूर्व के वर्षों में खरीफ और रबी सीजन में भी प्रबंधक द्वारा भारी गड़बड़ी की गई है। उक्त बातें भी जांच में सामने आई है। इसके बाद को-ऑपरेटिव बैंक के सीईओ ने बिश्रामपुर बैंक के पूर्व प्रबंधकों (Co-Operative managers) को मामले की अनदेखी करने मिलीभगत की आशंका पर नोटिस जारी किया है।