Twisha Sharma Death Case: अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में भारतीय सेना के मेजर हर्षित शर्मा ट्विशा को न्याय दिलाने के लिए एक बड़ी कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। आइये जानते हैं कौन है ये जिनके पास खुद ट्विशा अजमेर जाना चाहती थी, लेकिन उसके पति और सास ने टिकट बुक नहीं होने दी।
Who is Major Harshit Sharma: साल 2024 में एक डेटिंग ऐप के जरिए बड़े-बड़े सपने संजोकर वकील समर्थ सिंह का हाथ थामने वाली खूबसूरत अभिनेत्री ट्विशा शर्मा अब इस दुनिया में नहीं हैं। उनकी संदिग्ध मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। पढ़े-लिखे समाज में दहेज और घरेलू हिंसा का यह घिनौना रूप देखकर हर आंख नम है। ट्विशा तो चली गईं, लेकिन उनके जाने के बाद अदालत से लेकर मीडिया के कैमरों तक, हर कोई उन्हें न्याय दिलाना चाहता है। कोई नहीं जानता कि आखिर कैसे ट्विशा की मौत हुई? यह एक पहेली बन गया है। ऐसे में एक नाम सामने आ रहा है मेजर हर्षित शर्मा, जो एक चट्टान की तरह खड़े होकर ट्विशा क इंसाफ दिलाने की दिन रात कोशिश कर रहे हैं। आइये जानते हैं कौन है ये...
ट्विशा को न्याय दिलाने के लिए जो शख्स चट्टान की तरह खड़ा है, वह हैं कोई और नहीं बल्कि उनके भाई मेजर हर्षित शर्मा हैं। हर्षित भारतीय सेना में 'मेजर' के पद पर देश की सेवा कर रहे हैं। ऑफिसर हर्षित शर्मा वर्तमान में राजस्थान के अजमेर में ही तैनात हैं। लगातार परेशानी झेल रही बहन ट्विशा 15 मई को राजस्थान के अजमेर जाकर अपने भाई मेजर हर्षित शर्मा के पास कुछ समय के लिए रहना चाहती थीं, लेकिन दुखद बात है कि ऐसा हो नहीं सका।
मेजर हर्षित ने इस गहरे व्यक्तिगत दुख के बीच हथियार डालने के बजाय, दोषियों को सजा दिलाने का संकल्प लिया है। वह पूरे मामले में सच्चाई सामने लाना चाहते हैं। पूरे मामले में कथित तौर पर हुई पुलिस प्रशासन की ढिलाई और व्यवस्था की कमियों के खिलाफ डटकर खड़े हैं। सोशल मीडिया से लेकर कानूनी गलियारों तक इस फौजी भाई के संघर्ष की हर कोई तारीफ कर रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मौत वाले दिन यानी 12 मई को भी ट्विशा और उनके पति समर्थ के बीच भारी विवाद हुआ था। ट्विशा इन सब से परेशान होकर 15 मई को राजस्थान के अजमेर में तैनात अपने भाई मेजर हर्षित के पास कुछ दिन रहने के लिए आना चाहती थीं। मौत वाले दिन वह अजमेर का टिकट बुक करा रही थीं, लेकिन उनके पति ने इसका कड़ा विरोध किया और उन्हें रोकने की कोशिश की। इसी अनबन के बीच ट्विशा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
ट्विशा के ससुराल पक्ष का रसूख काफी बड़ा है; उनके पति खुद एक वकील हैं और उनकी सास एक रिटायर्ड जज रह चुकी हैं। शायद यही वजह है कि शुरुआत में पुलिस प्रशासन की ढिलाई और पहले पोस्टमार्टम की कमियों को देखकर हर्षित का परिवार हैरान था। करीब 10 दिनों तक फरार रहने के बाद पति समर्थ ने सरेंडर किया है।
वहीं, ट्विशा की मौत के बाद भाई मेजर हर्षित का सीधा आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश और हत्या है। उनका अपनी बहन के लिए लड़ना यह दिखाता है कि ट्विशा से उनका पूरा परिवार कितना प्यार करता था। उनका कहना है कि काश वह अजमेर आ जाती को शायद ऐसा कुछ होता नहीं। वहीं भाई के कड़े कानूनी संघर्ष के बाद आखिरकार कोर्ट ने ट्विशा का दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया। जिसके बाद ही ट्विशा का अंतिम संस्कार हुआ। अब भाई हर्षित का मानना है कि इस निष्पक्ष रिपोर्ट के बाद ही उस काली रात का पूरा सच सामने आ सकेगा। मेजर हर्षित की यह लड़ाई अब सिर्फ ट्विशा के लिए नहीं, बल्कि बंद दरवाजों के पीछे घुट रही समाज की हर बेटी के हक की आवाज बन गई है।