
PM Modi Forgives Kids: दिल्ली के जंतर-मतंर पर लगभग 36 दिनों तक चला छात्र आंदोलन अब खत्म हो चुका है, लेकिन इस दौरान कुछ ऐसा हुआ जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया। आंदोलन में कुछ कम उम्र के बच्चों और युवाओं द्वारा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी दिवंगत मां को लेकर आपत्तिजनक व अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया था। इस घटना के वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुए देश भर में भारी आक्रोश देखने को मिला था। वहीं, उसमें से एक बच्ची ने सामने आकर माफी भी मांगी। जिसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तुरंत एक वीडियो शेयर किया और बच्चों द्वारा दी गई इन गालियों को नजरअंदाज करते हुए बड़प्पन दिखाया और उसे बच्चों की नादानी मानकर माफ कर दिया। पीएम मोदी के इस क्षमाशील व्यवहार का वीडियो वायरल होने के बाद जहां कई लोग उनके संयम की तारीफ कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ टेलीविजन इंडस्ट्री की जानी-मानी अभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्जी का गुस्सा सोशल मीडिया के मौजूदा माहौल पर फूट पड़ा है। उन्होंने सरकार के सामने 4 कड़ी मांगे रखी हैं।
'साथ निभाना साथिया' और 'बिग बॉस' फेम अभिनेत्री देवोलीना भट्टाचार्जी ने पीएम मोदी द्वारा माफ किए गए वीडियो को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर रीपोस्ट करते हुए इंटरनेट पर फैल रही गंदगी, ट्रोलिंग और गालियों पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने सोशल मीडिया को सुरक्षित और साफ-सुथरा बनाने के लिए 4 कड़े सुझाव दिए।
ID प्रूफ की अनिवार्यता: सोशल मीडिया पर अकाउंट खोलने के लिए हर यूजर के लिए नेशनल पहचान पत्र (ID Proof) अनिवार्य किया जाना चाहिए।
आजीवन बैन (Life Ban): अगर कोई व्यक्ति किसी अपराध, गाली-गलौज या देश-समाज को नुकसान पहुंचाने वाली हरकत में दोषी पाया जाता है, तो उसे सोशल मीडिया से हमेशा के लिए बैन कर देना चाहिए।
नाबालिगों पर रोक: नाबालिग बच्चों के लिए किसी भी तरह का सोशल मीडिया अकाउंट रखने पर पूरी तरह प्रतिबंध होना चाहिए।
6 महीने का ट्रायल: देवोलीना ने कहा कि इन नियमों को सिर्फ 6 महीने के लिए लागू करके देखा जाए, सोशल मीडिया अपने-आप सकारात्मक और साफ-सुथरा लगने लगेगा।
देवोलीना के इस पोस्ट के सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स दो धड़ों में बंट गए हैं। एक वर्ग का मानना है कि फेक आईडी और नाबालिगों द्वारा फैलाए जाने वाले साइबर बुलिंग और भद्दे कमेंट्स पर लगाम कसने के लिए यह नियम बेहद कारगर साबित होंगे। वहीं, दूसरे पक्ष का कहना है कि आईडी वेरिफिकेशन से डिजिटल प्राइवेसी प्रभावित हो सकती है। वहीं, देवोलीना के इस पोस्ट ने एक बार फिर सोशल मीडिया एथिक्स और बच्चों की डिजिटल सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।