
UP Vridha Pension Yojana : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बुजुर्गों की सामाजिक सुरक्षा और पेंशन व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया है। राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत पेंशन प्राप्त कर रहे 61 लाख लाभार्थियों का सत्यापन शुरू कर दिया गया है। यह सत्यापन कार्य 25 मई 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
सरकार ने साफ किया है कि यदि सत्यापन में किसी जीवित पेंशनधारी को मृत घोषित किया गया, या अपात्र को लाभ मिल रहा है, तो संबंधित सरकारी अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें निलंबन से लेकर विभागीय जांच और रिकवरी तक के प्रावधान हैं।
सत्यापन प्रक्रिया के अंतर्गत जो लाभार्थी मृतक या अपात्र पाए जाएंगे, उन्हें सूची से हटाया जाएगा और उनकी जगह वास्तविक, ज़रूरतमंद और पात्र वृद्धजनों को योजना से जोड़ा जाएगा। इस कार्य में ‘जीरो पावर्टी अभियान’ के तहत हर गांव से 25 निर्धनतम वृद्धजनों को चिह्नित कर पेंशन योजना में शामिल करने की प्रक्रिया भी जोड़ी गई है।
मंत्री असीम अरुण ने कहा, “यह सरकार बुजुर्गों के मान-सम्मान, सुरक्षा और जीवन यापन में सहायता के लिए प्रतिबद्ध है। पेंशन सीधे लाभार्थी के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी। कोई भी पात्र व्यक्ति योजना से वंचित नहीं रहेगा।”
बलिया जिले की 68 वर्षीय रामदुलारी देवी कहती हैं, "तीन साल से पेंशन बंद थी। अब अधिकारियों ने घर आकर सत्यापन किया, उम्मीद है फिर से कुछ राहत मिलेगी।"
वहीं उन्नाव के 70 वर्षीय राम प्रसाद यादव बताते हैं, "गांव में कुछ लोग मर चुके थे, लेकिन अब तक उनके नाम से पैसा आ रहा था। सरकार ने सही कदम उठाया है।”