वाराणसी

ज्ञानवापी परिसर की दीवार पर पेंटिंग को लेकर नया विवाद, मुस्लिम पक्ष ने जताई आपत्ति

Gyanvapi Mosque: पीएम मोदी के वाराणसी दौरे के दौरान ज्ञानवापी परिसर की दीवार पर की गई पेंटिंग को लेकर विवाद शुरू हो गया है। मुस्लिम पक्ष इसे वक्फ की संपत्ति बता रहा है। जानिए क्या है पूरा मामला...
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May 02, 2026
Gyanvapi Mosque Gerua, Gyanvapi Mosque
Gyanvapi Mosque Varanasi | फोटो सोर्स- IANS

Gyanvapi Mosque: वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर के बाहर की गई एक नई पेंटिंग को लेकर विवाद की स्थिति बन गई है। शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान विरोध की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने ज्ञानवापी और विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर 4 पर भारी सुरक्षा बल तैनात की गई थी। हालांकि, नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई।

क्या है पूरा मामला?

29 अप्रैल को पीएम नरेंद्र मोदी काशी विश्वनाथ धाम के दौरे पर आए थे। उनके आने से पहले मंदिर और उसके आसपास के रास्तों को सजाने और संवारने का काम किया गया था। इसी काम के तहत ज्ञानवापी परिसर की बैरिकेडिंग से लगी करीब डेढ़-दो फीट ऊंची दीवार को गेरुआ रंग से रंगा गया और उस पर पारंपरिक वारली डिजाइन बनाई गई। पीएम मोदी अपने दौरे के दौरान इसी रास्ते (गेट नंबर 4) से गुजरे थे।

मुस्लिम पक्ष क्यों कर रहा है विरोध?

मुस्लिम समाज और मस्जिद कमेटी का दावा है कि यह दीवार वक्फ की संपत्ति है। उनकी अनुमति के बिना इसे रंगना और चित्रकारी करना उनके धार्मिक अधिकारों के खिलाफ है।
मुफ्ती-ए-बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी ने इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि 'यह हमारी जमीन है, जिस पर बिना हमारी सहमति के गेरुआ रंग लगाया गया और चित्र बनाए गए। यह हमारे लिए आपत्तिजनक है। हमने अधिकारियों को लिखित पत्र देकर इसे हटाने की मांग की है, जिस पर हमें आश्वासन भी मिला है। इस मामले में हम मंडलायुक्त से भी मुलाकात करेंगे।'
मौलाना ने यह भी स्पष्ट किया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे हैं और इसे गंगा-जमुनी तहजीब को प्रभावित करने वाला कदम बता रहे हैं।

प्रशासन और पुलिस का क्या कहना है?

इस विवाद को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए कदम उठाए हैं। डीसीपी ने स्पष्ट किया है कि दीवार पर कोई भी आपत्तिजनक तस्वीर नहीं बनाई गई है। यह केवल एक सामान्य सांस्कृतिक कलाकृति है और यह परिसर के दायरे से बाहर बनी है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई भी कानून हाथ में लेने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीसीपी ने यह भी कहा कि यह मंदिर से जुड़ा विषय है, जिस पर मंदिर प्रशासन ही कोई अंतिम निर्णय ले सकता है।

जुमे की नमाज पर किए गए थे सुरक्षा के कड़े इंतजाम

शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान किसी भी विवाद या विरोध-प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क था। ज्ञानवापी परिसर के गेट नंबर 4 पर भारी संख्या में पुलिस, पीएसी और रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती की गई थी। जैसा कि नमाज शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो गई और किसी ने भी विरोध नहीं किया। नमाजियों का यही कहना था कि जो जगह जैसी थी, उसे वैसे ही रहने देना चाहिए था, क्योंकि इससे गंगा-जमुनी तहजीब पर असर पड़ता है।

Updated on:
02 May 2026 06:07 pm
Published on:
02 May 2026 05:56 pm
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