
Varanasi Court News: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ वाराणसी की MPMLA कोर्ट में बुधवार को अहम सुनवाई हुई। वादी हरिशंकर पांडेय बनाम राहुल गांधी मामले में अदालत के निर्देश पर राहुल की तरफ से उनके वकील अनुज यादव ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। अपर जिला जज यादवेंद्र विक्रम सिंह की कोर्ट से जारी नोटिस के जवाब में वकील अनुज यादव ने पेश होकर राहुल गांधी का वकालतनामा दाखिल किया। इस दौरान वादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय और अलख नारायण सिंह ने अपनी दलीलें रखीं। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता भी अदालत में मौजूद रहे।
अदालत में राहुल गांधी की ओर से आपत्ति के साथ वकालतनामा और उनके आधार कार्ड की फोटोकॉपी जमा की गई है। राहुल गांधी की ओर से कोर्ट में दाखिल किए गए जवाब में इस केस को लेकर उनका पक्ष रखा गया है। वहीं वादी पक्ष की ओर से वकील हरिशंकर पांडेय और अलख नारायण सिंह ने अपनी बहस जारी रखी। कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अगली सुनवाई और बहस के लिए 16 सितंबर, 2026 की तारीख तय की है।
गौरतलब है कि इस मामले की पिछली सुनवाई में राहुल गांधी की तरफ से कोई भी वकील अदालत में पेश नहीं हुआ था और न ही कोई जवाब दाखिल किया गया था। इस पर कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए राहुल गांधी को स्वयं या अपने वकील के जरिए कोर्ट में पेश होने का समन जारी किया था। इसी समन के बाद बुधवार को उनके वकील ने कोर्ट पहुंचे। उन्होंने वकालतनामा के साथ राहुल गांधी की ओर से आपत्ति और अन्य दस्तावेज भी दाखिल किए।
राहुल गांधी पर अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित ब्राउन यूनिवर्सिटी में भगवान राम को काल्पनिक बताने का आरोप है। शिकायत के अनुसार 21 अप्रैल को ब्राउन यूनिवर्सिटी में छात्रों के साथ बातचीत के दौरान राहुल ने भगवान श्रीराम को लेकर कथित तौर पर विवादित बयान दिए थे। उन्होंने भगवान राम को पौराणिक बताया था और उस युग की कहानियों को काल्पनिक करार दिया था।
याचिकाकर्ता एडवोकेट हरिशंकर पांडेय ने कोर्ट में दलील दी है कि राहुल गांधी ने भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाकर करोड़ों हिंदुओं और देश की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है। उनका आरोप है कि कांग्रेस पार्टी लगातार सनातन धर्म के महान प्रतीकों पर अनाप-शनाप बयान देकर हिंदुओं को अपमानित कर रही है।
इस मामले को लेकर वकील हरिशंकर पांडेय ने सबसे पहले अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में परिवाद दायर किया था जिसे सुनवाई के बाद निरस्त कर दिया गया था। इसके खिलाफ पांडेय ने जिला जज की कोर्ट में पुनरीक्षण याचिका दायर की। सुनवाई के बाद MPMLA की सीनियर कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को रद्द करते हुए मामले की नए सिरे से सुनवाई करने के आदेश दिए थे। फिलहाल अभी मामला अदालत में विचाराधीन है और राहुल गांधी की ओर से दाखिल जवाब के बाद अब अगली सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलें सुनी जाएंगी।