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जानें क्यों खास है बच्ची अरिहा शाह? प्रधानमंत्री ने सख्ती से उठाया मुद्दा; जर्मन चांसलर से बोले मोदी…

Indian Child in German Foster Care: प्रधानमंत्री ने खुद भारतीय मूल की बच्ची को अपने मां-बाप से फिर से मिलाने का मुद्दा उठाया, जिसका जर्मन फॉस्टर केयर में पालन-पोषण हो रहा है। विदेश सचिव ने एक प्रेस ब्रिफिंग में इस बात की जानकारी दी और साथ ही कहा कि भारत हर कदम पर अरिहा शाह के परिवार के साथ है।
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Jan 12, 2026
Ariha Shah Germany
भारत-जर्मनी संबंधों में मानवीय मुद्दा बना अरिहा शाह मामला (Photo-IANS)

Ariha Shah Germany: भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय मूल की बच्ची अरिहा शाह का मुद्दा उठाया। उन्होंने मामले की जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने खुद जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज से बात की है और भारत अरिहा शाह को वापस भारत लाने की हर संभव कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि एक मां-बाप का दुख हम समझते हैं। हम बच्ची को उनसे फिर से मिलाने की पूरी कोशिश करेंगे।

जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के भारत दौरे पर एक खास ब्रीफिंग का आयोजन किया गया। इस ब्रीफिंग में विदेश सचिव मिस्री ने कहा कि भारत बच्ची अरिहा के मामले में जर्मन सरकार के साथ फॉलो-अप करता रहेगा और साथ ही निरंतर अरिहा शाह के परिवार से संपर्क में रहेगा।

PM मोदी ने खुद किया चांसलर से संपर्क

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने अरिहा शाह के मुद्दे पर प्रधानमंत्री मोदी की संवेदनाओं को जाहिर करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत दौरे पर आए जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ भारतीय मूल की बच्ची अरिहा शाह को भारत वापस लाने के विषय में बात की है। विदेश सचिव मिस्त्री ने कहा कि भारत यह सुनिश्चित करने की भी कोशिश कर रहा है कि बच्ची अरिहा को जितना हो सके भारतीय माहौल में पाला जाए। उसे भारतीय त्योहारों में शामिल किया जाए।

बता दें कि पिछले साल सितंबर में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी अरिहा शाह का मुद्दा उठाया था। उन्होंने नई दिल्ली में अपने जर्मन समकक्ष जोहान वाडेफुल के साथ अपनी मुलाकात के दौरान इस विषय पर बात की थी।

'कानूनी नहीं, मानवीय मुद्दे पर विचार करें'

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने अरिहा शाह के विषय में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा, "हम काफी समय से जर्मन सरकार, सभी जर्मन अधिकारियों, दिल्ली में उनके दूतावास और बर्लिन में जर्मन सरकार और इसमें शामिल सभी एजेंसियों के साथ बातचीत कर रहे हैं। यह मामला, एक समय पर, एक कानूनी मामला था, लेकिन हमारा मानना है कि आखिरकार, इसमें शामिल मानवीय मुद्दों को ध्यान में रखते हुए इस पर विचार किया जाना चाहिए।"

आखिर क्या हुआ जर्मनी में?

अरिहा शाह के माता-पिता का नाम धरा शाह और भावेश शाह है, जो साल 2018 में अच्छी नौकरी के कारण जर्मनी गए थे। इसके बाद साल 2021 में अरिहा शाह का जन्म हुआ। एक दिन अरिहा की देखभाल करते समय उसकी दादी से अरिहा के गलती से थोड़ी चोट लग गई थी। इसके बाद अरिहा के हल्का खून बहने लगा और उसे अस्पताल ले जाया गया।

वहां इलाज के दौरान डॉक्टर को बच्ची के यौन शोषण का शक हुआ। इसके बाद अस्पताल ने तुरंत जर्मनी की चाइल्ड प्रोटेक्शन एजेंसी को सूचना दे दी और एजेंसी ने शोषण के आरोपों के चलते बच्ची को माता-पिता से अलग कर दिया। इसके बाद बच्ची के माता-पिता को कानून का सहारा लेना पड़ा, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद उसके माता-पिता भारत लौट आए और भारत सरकार से मदद मांगी।

Updated on:
12 Jan 2026 08:11 pm
Published on:
12 Jan 2026 08:11 pm