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लिथुआनिया में NATO बेस और परमाणु हथियार? क्रेमलिन की चेतावनी, तनाव और बढ़ा तो जवाबी कदम उठाएगा रूस

weapons of mass destruction ban: क्रेमलिन प्रवक्ता पेस्कोव ने लिथुआनिया में NATO बेस और परमाणु हथियार तैनात करने पर चेताया कि इससे तनाव बढ़ेगा। संसद ने संवैधानिक संशोधन को पहली मंजूरी दी है।
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Europe security tensions

परमाणु हथियारों पर रोक हटाने की ओर लिथुआनिया, रूस ने दी चेतावनी, Photo Source@IANS

Russia Warns Lithuania: क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि लिथुआनिया में NATO का मिलिट्री बेस और परमाणु हथियार तैनात करने से तनाव और बढ़ जाएगा। पेस्कोव ने कहा कि, ये दोनों ही चीजें यूरोपीय महाद्वीप पर स्थिरता और भरोसेमंद माहौल बनाने में मदद नहीं करेंगी। इसके उलट, इनसे तनाव और बढ़ने की संभावना है।

संवैधानिक संशोधन को पहली बार मंजूरी

मंगलवार को लिथुआनिया की संसद में बड़े पैमाने पर तबाही मचाने वाले हथियारों पर लगी रोक हटाने के लिए एक संवैधानिक संशोधन को पहली बार मंजूरी मिली। इससे लिथुआनिया में NATO के परमाणु हथियार तैनात करने का रास्ता खुल सकता है। शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इस संशोधन पर अंतिम वोट 12 जनवरी, 2027 को होना है। पेस्कोव ने कहा कि अगर ऐसा कुछ होता है, तो रूस को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जवाबी कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ेगा।

रूस की सैन्य नीति की तारीफ

पिछले हफ्ते, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने पोलैंड की पैट्रियट मिसाइल बनाने की योजना और यूक्रेन संघर्ष में यूरोप की भूमिका पर टिप्पणी करते हुए रूस की सैन्य नीति (मिलिट्री डॉक्ट्रिन) का ध्यानपूर्वक अध्ययन करने का आग्रह किया था।

TASS की रिपोर्ट के अनुसार, वल्दाई इंटरनेशनल डिस्कशन क्लब की 23वीं सालाना बैठक के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए लावरोव ने कहा कि, इस मामले पर हमारी एक सैन्य नीति है, जिसका जिक्र रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन कई बार कर चुके हैं। मैं आपसे आग्रह करता हूं कि आप इस बेहद अहम दस्तावेज के संबंधित हिस्से को ध्यान से पढ़ें।

पैट्रियट एयर डिफेंस मिसाइल निर्माण का प्रस्ताव

इससे पहले, TASS के अनुसार, पोलैंड की उप रक्षा मंत्री मैग्डेलेना सोबकोवियाक-जारनेका ने कहा था कि पोलैंड ने अमेरिका के सामने यूक्रेन के साथ मिलकर किसी सुरक्षित जगह पर पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम के लिए मिसाइलें बनाने का प्रस्ताव रखा है।

वारसॉ अभी यूक्रेन को सैन्य मदद की 50वीं खेप भेजने की तैयारी कर रहा है। 2022 से अब तक कीव को सौंपे गए सभी हथियारों के पैकेज की कुल कीमत लगभग 5 अरब डॉलर है।

2026 की गर्मियों में, NATO के सामान्य सहायता पैकेज के तहत यूक्रेनी सेना को पैट्रियट सिस्टम के लिए कई मिसाइलें भेजने को लेकर पोलैंड में विवाद खड़ा हो गया था। तब विपक्ष ने अधिकारियों पर पोलैंड की सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था।