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बालुरघाट में ‘खेला’? TMC उम्मीदवार अर्पिता घोष का बड़ा आरोप, काउंटिंग में ‘Technical Glitch’ से मची खलबली!

EVM Glitch:बालुरघाट सीट पर वोटों की गिनती के दौरान टीएमसी उम्मीदवार अर्पिता घोष ने तकनीकी खराबी का बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने रिटर्निंग अधिकारी को लिखित शिकायत देकर काउंटिंग प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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May 04, 2026
टीएमसी उम्मीदवार अर्पिता घोष । ( फोटो: ANI )

Vote Counting: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा के बीच बालुरघाट सीट पर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार अर्पिता घोष ने मतगणना के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में बड़ी गड़बड़ी होने का आरोप लगाया है। अर्पिता घोष ने चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए रिटर्निंग अधिकारी को एक लिखित शिकायत सौंपी है। उनका आरोप है कि मतगणना के दिन ईवीएम की बैटरी का स्तर रहस्यमयी तरीके से बढ़ा हुआ पाया गया, जो सीधे तौर पर चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर संदेह पैदा करता है।

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क्या है EVM की बैटरी का पूरा मामला ?

मीडिया से बातचीत करते हुए टीएमसी उम्मीदवार अर्पिता घोष ने पूरी घटना का विस्तार से जिक्र किया। उन्होंने बताया कि जिस दिन बालुरघाट में मतदान हुआ था, उस दिन सुबह पोलिंग शुरू होने के वक्त मशीन की बैटरी 98 प्रतिशत चार्ज थी। दिनभर की लंबी वोटिंग प्रक्रिया के बाद जब मतदान खत्म हुआ, तो मशीन की बैटरी का स्तर स्वाभाविक रूप से गिरकर 70 प्रतिशत से थोड़ा नीचे आ गया था। लेकिन सबसे बड़ा 'Technical Glitch' या रहस्य तब सामने आया, जब सोमवार को मतगणना के लिए उसी ईवीएम को खोला गया। अर्पिता के अनुसार, काउंटिंग के वक्त उस मशीन की बैटरी 92 से 95 प्रतिशत चार्ज दिखा रही थी। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना चार्ज किए एक बंद मशीन की बैटरी अपने आप कैसे बढ़ सकती है?

RO को चिट्ठी और कोर्ट जाने की चेतावनी

इस अजीबोगरीब स्थिति के बाद अर्पिता घोष ने तुरंत मोर्चा खोला और रिटर्निंग अधिकारी के पास इसकी आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई। टीएमसी नेता ने चुनाव आयोग के ढुलमुल रवैये पर भी गहरी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि, "हमने RO को एक पत्र दिया है। अगर चुनाव आयोग इस तकनीकी गड़बड़ी और बैटरी के मुद्दे पर कोई ठोस और संतोषजनक कदम नहीं उठाता है, तो हम न्याय के लिए सीधे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।"

बालुरघाट में किसने मारी बाजी ?

इस भारी ड्रामे और आरोपों के बीच, बालुरघाट विधानसभा सीट के चुनावी नतीजे भी सामने आ चुके हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, इस हाई-प्रोफाइल सीट पर भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार बिद्युत कुमार रॉय ने बड़ी जीत दर्ज की है। उन्होंने टीएमसी की अर्पिता घोष को 47,576 वोटों के भारी अंतर से करारी शिकस्त दी है। हार के बाद अर्पिता घोष के इन दावों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है।

कूचबिहार में बवाल और बढ़ता तनाव

बालुरघाट के अलावा राज्य के अन्य हिस्सों से भी तनाव की खबरें हैं। कूचबिहार के दिनहाटा टाउन में टीएमसी ब्लॉक अध्यक्ष बिशु धर पर कथित तौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा हमला किया गया। यह घटना तब हुई जब वे मतगणना केंद्र से बाहर निकल रहे थे। बिशु धर ने मीडिया से कहा कि उन्हें पहले से ही हमले की आशंका थी, लेकिन वे डरे नहीं। उन्होंने इसे भाजपा की 'संस्कृति' करार दिया।

सत्ताधारी टीएमसी और भाजपा के बीच यह चुनावी लड़ाई दांव-पेच में उलझी

बहरहाल,पश्चिम बंगाल में इस बार 92.47% का रिकॉर्ड और ऐतिहासिक मतदान हुआ है। एक तरफ जहां भाजपा अपने विकास और सुशासन के वादों के दम पर राज्य में अपनी ताकत बढ़ा रही है, वहीं दूसरी तरफ सत्ताधारी टीएमसी और भाजपा के बीच यह चुनावी लड़ाई अब कानूनी और तकनीकी दांव-पेच में उलझती नजर आ रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि चुनाव आयोग अर्पिता घोष की इस शिकायत पर क्या जवाब देता है।

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