
US Sanctions M23 Group: अमेरिका ने डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) से अवैध तरीके से सोना और दूसरे खनिजों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की है। अमेरिका ने दो व्यक्तियों और चार कंपनियों समेत कुल 6 ठिकानों पर प्रतिबंध लगाए हैं। ये नेटवर्क रवांडा समर्थित सशस्त्र समूह M23 को फायदा पहुंचाने के लिए खनिजों की अवैध सप्लाई में शामिल थे। अमेरिका का कहना है कि इन प्रतिबंधों का मकसद अवैध खनिज कारोबार को रोकना और क्षेत्र में शांति और स्थिरता के प्रयासों को मजबूत करना है।
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, M23 और उसके समर्थक कांगो के खनिज संसाधनों का इस्तेमाल अपने सशस्त्र अभियान को चलाने के लिए कर रहे हैं। विभाग का कहना है कि इन खनिजों से मिलने वाली कमाई का इस्तेमाल हथियार खरीदने, लड़ाकों को भुगतान करने और हिंसा को बढ़ावा देने में किया जा रहा है।
विदेश विभाग ने कहा, M23 और उसके समर्थक DRC के विशाल खनिज संसाधनों का फायदा उठाते हैं यह दौलत असल में कांगो के लोगों की है ताकि वे हथियार खरीद सकें, लड़ाकों को पैसे दे सकें और ऐसी अस्थिर करने वाली बगावत जारी रख सकें, जिसने गंभीर मानवीय संकट पैदा कर दिया है।
कांगो से निकाले गए खनिजों की अक्सर तस्करी कर उन्हें रवांडा के रास्ते अलग-अलग देशों में पहुंचाया जाता है। सशस्त्र समूह (M23) इन खनिजों को बेचकर पैसा जुटाते हैं और खदानों में काम करने वाले लोगों से अवैध वसूली भी करते हैं। M23 के नियंत्रण वाली खदानों का संबंध जबरन मजदूरी, बच्चों से काम कराने और यौन हिंसा जैसी घटनाओं से जुड़ा है। M23 रवांडा समर्थित एक M23 समूह है, जिसकी शुरुआत साल 2012 में DRC में हुई थी।
अमेरिकी विदेश विभाग के बयान के मुताबिक, प्रतिबंधों में गैसाबो गोल्ड रिफाइनरी लिमिटेड इसके चेयरमैन जील मलिक कलीमा और तीन अन्य रवांडा की खनन कंपनियां शामिल हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, अमेरिका उन 6 लोगों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगा रहा है जो रवांडा समर्थित M23 हथियारबंद गुट को फायदा पहुंचाने के लिए डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) से निकलने वाले खनिज की तस्करी करने वाले नेटवर्क की मदद कर रहे हैं।
अमेरिका ने कहा कि यह कार्रवाई वाशिंगटन समझौते को लागू करने की दिशा में एक कदम है। यह समझौता कांगो और रवांडा के बीच शांति और आर्थिक विकास के लिए बनाया गया है। विदेश विभाग ने इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता से हुआ ऐतिहासिक समझौता बताया। अमेरिका का कहना है कि इस समझौते के तहत खनिजों की सप्लाई चेन को पारदर्शी और कानूनी बनाने पर जोर दिया गया है।
अमेरिका ने दुनियाभर की सरकारों, कंपनियों और वित्तीय संस्थानों से अपील की है कि वे खनिजों के अवैध कारोबार को रोकने के लिए जिम्मेदारी निभाएं। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि यह कार्रवाई अगस्त 2025 में लगाए गए प्रतिबंधों के बाद की गई है। अमेरिकी ने कहा कि वह उन लोगों पर कार्रवाई जारी रखेगा जो पूर्वी कांगो में लोगों की परेशानी से फायदा कमा रहे हैं।