Labubu Doll Worship Viral Video: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल (Labubu Viral Video) हो रहा है जिसमें एक भारतीय महिला एक अजीब सी दिखने वाली गुड़िया को अपने घर के मंदिर में रख कर उसकी पूजा (Viral Labubu Worship) करती नजर आ रही है। खास बात यह है कि इस महिला ने […]
Labubu Doll Worship Viral Video: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल (Labubu Viral Video) हो रहा है जिसमें एक भारतीय महिला एक अजीब सी दिखने वाली गुड़िया को अपने घर के मंदिर में रख कर उसकी पूजा (Viral Labubu Worship) करती नजर आ रही है। खास बात यह है कि इस महिला ने इस गुड़िया को "चीन के भगवान"(Chinese God Doll) बता दिया। वीडियो में एक आवाज़ महिला से पूछती है, "कौन है ये?" शलवार-कमीज़ पहनी महिला जवाब देती है, "चीन के भगवान", और फिर वह गुड़िया (Labubu Doll) को मंदिर में रख कर पूजा करती है। ध्यान रहे कि मई 2025 में यह तब चर्चा में आया जब बॉलीवुड अभिनेत्री अनन्या पांडे (Ananya Panday Labubu) को इसे हाथ में पकड़े हुए देखा गया था। इसके बाद लाबूबू की लोकप्रियता और भी बढ़ गई।
एक बार तो ऐसा भी होता है कि करीब बैठा एक आदमी गुड़िया के पैर छूकर उससे आशीर्वाद लेता है। इस दौरान महिला भी कहती है, " राम राम जी। " एक्स अकाउंट ओप्रेसर की ओर से शेयर किए गए इस वीडियो के साथ कैप्शन दिया गया है: "एक भारतीय लड़की ने अपनी माँ को बताया कि लाबूबू एक चीनी देवता हैं। बस इतना सुनते ही उन्होंने लाबूबू की पूजा शुरू कर दी। जय लाबूबू।"
जिस गुड़िया की पूजा की जा रही है, उसका नाम है "लाबूबू"। यह एक लोकप्रिय कलेक्टिबल आर्ट टॉय है, जिसे एक काल्पनिक राक्षस के रूप में डिज़ाइन किया गया है। इस गुड़िया की बड़ी कान, नुकीले दांत और विचित्र चेहरे की मुस्कान इसे खास बनाती है। यह खिलौना खासकर युवाओं और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स में ट्रेंड कर रहा है।
वीडियो को एक्स (पहले ट्विटर) पर एक यूज़र ने शेयर किया और लिखा, “एक भारतीय लड़की ने अपनी मां से मजाक में कहा कि यह लाबूबू चीनी भगवान है, और मां ने तुरंत इसे मंदिर में रखकर पूजा शुरू कर दी। जय लाबूबू!” यह वीडियो देखने के बाद लोग हैरान हैं कि एक मजाक या मासूम गलती किस तरह वायरल ट्रेंड बन सकती है।
इस वीडियो को लेकर इंटरनेट पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। एक यूज़र ने तंज कसते हुए लिखा, "धर्म की शुरुआत भी कुछ इसी तरह होती है - कोई एक चीज बनाता है, दूसरा उस पर विश्वास कर लेता है और फिर शुरू हो जाता है एक नया धार्मिक चलन।"
एक अन्य ने लिखा, "यह मासूमियत की आखिरी पीढ़ी है, जो किसी भी चीज को भगवान मानने को तैयार है।" कुछ ने इसे मूर्तिपूजा की अंधश्रद्धा करार दिया और कहा कि लोग बिना समझे ही किसी भी वस्तु को पूजनीय मान लेते हैं।
इस घटना ने सोशल मीडिया पर एक दिलचस्प बहस छेड़ दी है – क्या यह केवल एक मां की मासूम प्रतिक्रिया थी, या हमारे समाज में बढ़ते अंधविश्वास का एक उदाहरण?
लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि क्या अब सोशल मीडिया ट्रेंड्स इतने असरदार हो गए हैं कि लोग बिना जांचे-परखे किसी भी बात पर विश्वास कर बैठते हैं ?
लाबूबू एक मजेदार खिलौना है, लेकिन इस पर विश्वास करना और पूजा करना एक ऐसा कदम है जो मनोरंजन और आस्था के बीच की सीमाओं को धुंधला कर देता है। यह घटना एक उदाहरण है कि इंटरनेट की दुनिया में किसी भी चीज को किस हद तक गंभीरता से ले लिया जा सकता है।